ब्रेकिंग
रामनवमी पर पटना में बदला मौसम का मिजाज, बूंदाबांदी और ठंडी हवा से श्रद्धालुओं को कड़ाके की धूप से मिली राहतBihar News : नीतीश कुमार के इस्तीफे की आ गई तारीख, JDU के कार्यकारी अध्यक्ष ने बता दिया डेट और टाइम; आप भी जान लें रामनवमी में डाकबंगला पर दिखेगा अयोध्या जैसा नजारा, 52 झांकियों को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे सम्मानित, श्रीराम चौक की तैयारी कैसी है जानिये?सरकारी कैलेंडर में मंत्री के परिवार की फोटो, RJD ने चिराग के नेता पर पद का दुरुपयोग करने का लगाया आरोपमुजफ्फरपुर SSP की बड़ी कार्रवाई: गायघाट थानेदार समेत पूरी छापेमारी टीम सस्पेंडरामनवमी पर पटना में बदला मौसम का मिजाज, बूंदाबांदी और ठंडी हवा से श्रद्धालुओं को कड़ाके की धूप से मिली राहतBihar News : नीतीश कुमार के इस्तीफे की आ गई तारीख, JDU के कार्यकारी अध्यक्ष ने बता दिया डेट और टाइम; आप भी जान लें रामनवमी में डाकबंगला पर दिखेगा अयोध्या जैसा नजारा, 52 झांकियों को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे सम्मानित, श्रीराम चौक की तैयारी कैसी है जानिये?सरकारी कैलेंडर में मंत्री के परिवार की फोटो, RJD ने चिराग के नेता पर पद का दुरुपयोग करने का लगाया आरोपमुजफ्फरपुर SSP की बड़ी कार्रवाई: गायघाट थानेदार समेत पूरी छापेमारी टीम सस्पेंड

Supreme Court: SC कॉलेजियम की सिफारिशों में कितने जजों के रिश्तेदार हैं? कितने SC-ST, OBC और महिलाएं? सुप्रीम कोर्ट ने दी जानकारी!

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जजों की नियुक्ति प्रक्रिया और कॉलेजियम की सिफारिशों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की है। इसमें SC/ST, OBC, महिलाओं और जजों के रिश्तेदारों से जुड़ा विस्तृत ब्यौरा शामिल है।

सुप्रीम कोर्ट, कॉलेजियम सिफारिशें, जजों की नियुक्ति, पारदर्शिता, SC ST OBC महिलाएं, जज के रिश्तेदार, Supreme Court, Collegium Recommendations, Judicial Appointments, Transparency, SC/ST/OBC, Women Jud
SC Collegium
© Google
Nitish KumarNitish Kumar|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने जजों की नियुक्ति से जुड़ी अहम जानकारी सार्वजनिक कर दी है। देश की सर्वोच्च अदालत ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की है। इसके साथ ही, कोर्ट ने बीते तीन वर्षों के दौरान हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिशों का विस्तृत विवरण भी सार्वजनिक किया है।


बता दे कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार देर रात एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 2022 से 2025 के बीच हाई कोर्टों में नियुक्ति के लिए की गई 221 सिफारिशों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया। इसके साथ ही 21 मौजूदा सुप्रीम कोर्ट जजों की संपत्ति भी वेबसाइट पर अपलोड की गई है। यह कदम मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की सेवानिवृत्ति (13 मई) से ठीक पहले उठाया गया है।


सुप्रीम कोर्ट ने जजों की नियुक्ति से जुड़ी अहम जानकारी सार्वजनिक कर दी है। देश की सर्वोच्च अदालत ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की है। इसके साथ ही, कोर्ट ने बीते तीन वर्षों के दौरान हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिशों का विस्तृत विवरण भी सार्वजनिक किया है।



221 सिफारिशों में से 14 रिश्तेदार

कोर्ट ने साफ किया कि इन 221 सिफारिशों में से 14 (यानी कुल 6.3%) ऐसे नाम हैं जो किसी मौजूदा या पूर्व न्यायाधीश के परिवार से संबंधित हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इनमें से केवल एक नाम—रोहित कपूर (पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट)—अभी तक केंद्र सरकार से मंजूरी का इंतजार कर रहा है।


भाई-भतीजावाद पर खुला डेटा

सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार न्यायिक नियुक्तियों की पूरी प्रक्रिया और कॉलेजियम की भूमिका सार्वजनिक की है। इसमें बताया गया कि किसी सिफारिशकर्ता को तब ‘रिश्तेदार’ माना जाता है जब वह किसी मौजूदा या पूर्व न्यायाधीश का पिता, माता, ससुर, सास, भाई, बहन, बहनोई या भाभी हो।

महिला, अल्पसंख्यक और वंचित वर्गों को भी मिला प्रतिनिधित्व?

 केंद्र को दी गई सिफारिशों में 221 नामों में से 34 महिलाएं हैं ,जवकि 8 अनुसूचित जाति (SC),वहीँ 7 अनुसूचित जनजाति (ST), 33 ओबीसी, 7 एमबीसी बीसी और 31 अल्पसंख्यक वर्ग से हैं।

CJI डी.वाई. चंद्रचूड़ और संजीव खन्ना के कार्यकाल में अनुमोदन

सुप्रीम कोर्ट के तरफ से दी गयी जानकारी के मुताबिक पुर्व CJI चंद्रचूड़ (9 नवंबर 2022से 10 नवंबर 2024) तक 303 नामों में से 170 (56%) स्वीकृत किये , जिनमें 12 रिश्तेदार शामिल थे| जबकि  तत्कालीन CJI संजीव खन्ना (11 नवंबर 2024 से 5 मई 2025)तक  103 नामों में से 51 स्वीकृत किये जिनमें 2 रिश्तेदार शामिल हैं | 


जन-जागरूकता के लिए ऐतिहासिक कदम

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह जानकारी सार्वजनिक करने का उद्देश्य लोगों में पारदर्शिता और जागरूकता बढ़ाना है। यह कदम न्यायपालिका पर लगने वाले भाई-भतीजावाद और भेदभाव के आरोपों को खारिज करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।


इस खबर के बारे में
Nitish Kumar

रिपोर्टर / लेखक

Nitish Kumar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें