ब्रेकिंग
छपरा पंचायत भवन में महिला कर्मी का पंखे से लटका मिला शव, हत्या या आत्महत्या की गुत्थी में उलझा मामलाबिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026: स्क्रूटिनी और विशेष परीक्षा के लिए छात्रों को मौका, इस दिन से करें आवेदनमृत समझकर किया दाह संस्कार: जिंदा लौटा अमर चौहान, किशनगंज में रेल पुलिस की कार्यशैली पर सवालवैशाली की सबरीन परवीन बनीं बिहार टॉपर, मैट्रिक में 98.4% अंक के साथ रचा इतिहासफिर बदलने वाला है बिहार का मौसम, IMD ने जारी किया अलर्ट; कई जिलों में तेज हवा और बारिश की संभावनाछपरा पंचायत भवन में महिला कर्मी का पंखे से लटका मिला शव, हत्या या आत्महत्या की गुत्थी में उलझा मामलाबिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026: स्क्रूटिनी और विशेष परीक्षा के लिए छात्रों को मौका, इस दिन से करें आवेदनमृत समझकर किया दाह संस्कार: जिंदा लौटा अमर चौहान, किशनगंज में रेल पुलिस की कार्यशैली पर सवालवैशाली की सबरीन परवीन बनीं बिहार टॉपर, मैट्रिक में 98.4% अंक के साथ रचा इतिहासफिर बदलने वाला है बिहार का मौसम, IMD ने जारी किया अलर्ट; कई जिलों में तेज हवा और बारिश की संभावना

अब पूरी दुनिया में लगेगी सीरम इंस्टीट्यूट की कोरोना वैक्सीन, WHO ने दी आपात इस्तेमाल की मंजूरी

DESK : अब पूरी दुनिया में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा बनाई गई ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी.सीरम इंस्टीट्यूट की कोरोना वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य

अब पूरी दुनिया में लगेगी सीरम इंस्टीट्यूट की कोरोना वैक्सीन, WHO ने दी आपात इस्तेमाल की मंजूरी
Anamika
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

DESK : अब पूरी दुनिया में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा बनाई गई ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी.सीरम इंस्टीट्यूट की कोरोना वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन  ने भी आपातकाल इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही अब सीरम इंस्टीट्यूट का इस्तेमाल दुनिया के गरीब देशों में कोरोना के टीकाकरण के लिए किया जाएगा.

सोमवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के दो वैक्सीन को आपात इस्तेमाल की अनुमति दी है, ये दोनों ही वैक्सीन ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका ने बनाए हैं. जिसमें से एक वैक्सीन भारत की सीरम इंस्टीट्यूट बनाती है और दूसरी वैक्सीन दक्षिण कोरिया की एसके बायो नाम की कंपनी बनाती है. दोनों वैक्सीन को मंजूरी देते हुए WHOके  प्रमुख ‎टेड्रोस एडहानॉम ने कहा कि इस ग्रीन सिग्नल के साथ ही अब कोवैक्स प्रोग्राम के तहत दुनिया के कई देशों में इस वैक्सीन को दिए जाने का रास्ता खुल गया है. 

बता दें कि कोवैक्स प्रोग्राम के जरिए दुनिया के निर्धन देशों को WHO के द्वारा कोरोना की वैक्सीन पहुंचाई जा रही है. जिसके लिए दो वैक्सीन को मंजूरी दी गई है. WHO के अनुसार दुनिया के जिन देशों को अबतक वैक्सीन नहीं मिल पाई थी और जहां की आबादी कोरोना के खतरे झेल रही थी वहां पर अब कोरोना टीकाकरण अभियान की शुरुआत की जा सकेगी. 

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Anamika

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें