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End-to-End Encryption: डिजिटल चैटिंग का सबसे बड़ा सुरक्षा दीवार, जानें क्या होता है End-to-End Encryption

End-to-End Encryption: भारत में लोग लंबे समय से WhatsApp का अपना देसी विकल्प ढूंढ रहे हैं। इसी वजह से Zoho की Arattai ऐप सामने आई है। Arattai का मतलब है "बातचीत करना" और यह पूरी तरह भारत में बनाई गई एक मैसेजिंग ऐप है। सरकार ने देशी ऐप्स को बढ़ावा दिय

End-to-End Encryption
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PRIYA DWIVEDI
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End-to-End Encryption: भारत में लोग लंबे समय से WhatsApp का अपना देसी विकल्प ढूंढ रहे हैं। इसी वजह से Zoho की Arattai ऐप सामने आई है। Arattai का मतलब है "बातचीत करना" और यह पूरी तरह भारत में बनाई गई एक मैसेजिंग ऐप है। सरकार ने देशी ऐप्स को बढ़ावा दिया है, इसलिए यह ऐप जल्दी लोकप्रिय हो रही है। इसमें चैट, वॉयस और वीडियो कॉल जैसी खूबियाँ हैं, लेकिन इसमें एक जरूरी फीचर – End-to-End Encryption (E2E) – नहीं है, जो WhatsApp और Signal जैसे ऐप्स में होता है। इसलिए यह उनसे थोड़ा पीछे रह जाती है, जाने क्या है End-to-End Encryption



End-to-End Encryption (E2E) का मतलब है कि जब आप किसी को मैसेज भेजते हैं, तो वह मैसेज इतना सुरक्षित होता है कि सिर्फ भेजने वाला और पाने वाला ही उसे पढ़ सकता है। मैसेज भेजते समय वह एक खास कोड में बदल जाता है जिसे कोई तीसरा शख्स, ऐप बनाने वाली कंपनी, या हैकर भी नहीं समझ सकता। इस तरह आपकी बातचीत पूरी तरह से प्राइवेट रहती है और कोई चोरी या हैकिंग का खतरा नहीं होता।

Arattai ऐप में क्या कमी है?

Arattai ऐप में अभी वॉयस और वीडियो कॉल तो सुरक्षित (encrypted) हैं, लेकिन चैट मैसेज पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हैं क्योंकि उनमें अभी E2E encryption नहीं है। इसका मतलब है कि आपके भेजे गए टेक्स्ट मैसेज को कोई बीच में पकड़ सकता है – चाहे वह कोई हैकर हो या इंटरनेट सर्विस देने वाली कंपनी। हालांकि, Arattai ने कहा है कि वे इस सिक्योरिटी फीचर पर काम कर रहे हैं और जल्दी ही इसे सभी यूज़र्स के लिए लाया जाएगा।

E2E फीचर Arattai के लिए क्यों जरूरी है?

आज के समय में लोग तभी किसी मैसेजिंग ऐप पर भरोसा करते हैं जब उन्हें लगे कि उनकी बातें पूरी तरह से प्राइवेट हैं। WhatsApp, Signal और Telegram जैसे ऐप्स की सफलता की सबसे बड़ी वजह यही है कि उनके मैसेज पूरी तरह से E2E encrypted होते हैं। अगर Arattai सच में "भारत का WhatsApp" बनना चाहता है, तो उसे भी यूज़र्स को यही सिक्योरिटी देनी होगी। बिना इस फीचर के, लोगों के चैट डेटा की प्राइवेसी खतरे में रह सकती है।



कंपनी का नजरिया और आगे की उम्मीदें

Arattai ऐप को Zoho कंपनी के फाउंडर श्रीधर वेंबू ने 2021 में लॉन्च किया था। शुरुआत में चैट के लिए E2E को जरूरी नहीं माना गया, लेकिन अब जब ऐप के यूज़र बढ़ रहे हैं, तो यह सिक्योरिटी फीचर सबसे ज़रूरी बन गया है। कंपनी ने वादा किया है कि जल्द आने वाले अपडेट्स में चैट भी पूरी तरह सुरक्षित हो जाएंगी।E2E encryption आपके मैसेज को पूरी तरह से प्राइवेट बनाता है। Arattai ऐप में अभी यह फीचर चैट्स के लिए नहीं है, लेकिन कंपनी इसे जल्द लाने की तैयारी में है ताकि यूज़र्स को बेहतर सुरक्षा और भरोसा मिल सके।


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रिपोर्टर / लेखक

PRIYA DWIVEDI

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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