CBI Director: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के अगले निदेशक की नियुक्ति को लेकर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत के प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। हालांकि, बैठक में किसी भी नाम पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद मौजूदा निदेशक डी.पी. सूद को एक वर्ष का सेवा विस्तार दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
नियुक्ति प्रक्रिया और बैठक का विवरण
CBI निदेशक की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति की सिफारिश पर की जाती है, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। इसमें विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश सदस्य होते हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, पैनल ने कुछ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों पर चर्चा की, लेकिन किसी पर भी आम सहमति नहीं बन पाई। अंततः सभी सदस्य, सिवाय राहुल गांधी के, मौजूदा निदेशक डी.पी. सूद का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाने पर सहमत हुए। बैठक शाम 6:45 बजे शुरू हुई और 7:30 बजे तक चली।
राहुल गांधी ने जताई असहमति
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी सेवा विस्तार के पक्ष में नहीं थे। हालांकि, सरकार ने डी.पी. सूद को कार्यकाल विस्तार देने का पक्ष लिया है। उनके वर्तमान दो साल का कार्यकाल 25 मई 2025 को समाप्त हो रहा है।
कौन हैं डी.पी. सूद?
बता दे कि डी.पी. सूद कर्नाटक कैडर के 1986 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। CBI निदेशक बनने से पहले वे कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने 25 मई 2023 को CBI के निदेशक का पदभार संभाला था।






