ब्रेकिंग
सोन नहर के किनारे लगेगा 10 मेगावाट सोलर प्लांट, बिहार में ग्रीन एनर्जी को मिलेगा बढ़ावाबिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी, इतने छात्र-छात्रा हुए सफल; ऐसे चेक करें नतीजेघर के बाहर खेल रही चार साल की मासूम को मारी गोली, सिर के आर-पार हुई बुलेट; हालत नाजुकबिहार के तीन लापरवाह थानेदार पर गिरी गाज, एसपी ने ले लिया बड़ा एक्शन; पुलिस महकमे में मचा हड़कंपपटना में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ फिर गरजेगा जिला प्रशासन का बुलडोजर, इस दिन से शुरू होगा विशेष अभियानसोन नहर के किनारे लगेगा 10 मेगावाट सोलर प्लांट, बिहार में ग्रीन एनर्जी को मिलेगा बढ़ावाबिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी, इतने छात्र-छात्रा हुए सफल; ऐसे चेक करें नतीजेघर के बाहर खेल रही चार साल की मासूम को मारी गोली, सिर के आर-पार हुई बुलेट; हालत नाजुकबिहार के तीन लापरवाह थानेदार पर गिरी गाज, एसपी ने ले लिया बड़ा एक्शन; पुलिस महकमे में मचा हड़कंपपटना में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ फिर गरजेगा जिला प्रशासन का बुलडोजर, इस दिन से शुरू होगा विशेष अभियान

कोरोना वैक्सीन का ट्रायल डोज लेने वाले वॉलेंटियर की मौत, 9 दिन पहले लिया था टीका

BHOPAL: कोरोना वैक्सीन का ट्रायल डोज लेने वाले वॉलेंटियर की 9 दिनों के बाद मौत हो गई. मौत किस कारण हुई है वह अभी तक साफ नहीं हो पाया है. क्योंकि उसकी फाइन पोस्टमार्टम रिपोर्ट

कोरोना वैक्सीन का ट्रायल डोज लेने वाले वॉलेंटियर की मौत, 9 दिन पहले लिया था टीका
Manish Kumar
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

BHOPAL:  कोरोना वैक्सीन का ट्रायल डोज लेने वाले वॉलेंटियर की 9 दिनों के बाद मौत हो गई. मौत किस कारण हुई है वह अभी तक साफ नहीं हो पाया है. क्योंकि उसकी फाइन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना अभी बाकी की. मृतक जमालपुर के सूबेदार कॉलोनी में रहता था. 


मौत के बारे में बताया जा रहा है कि भोपाल के पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में 12 दिसंबर को ट्रायल टीका लगाया था. लेकिन 47 साल के वॉलेंटियर दीपक मरावी की 21 दिसंबर को मौत हो गई. 22 दिसंबर को उनके शव का पोस्टमार्टम कराया गया. प्रारंभिक रिपोर्ट में शव में जहर मिलने की पुष्टि हुई है. पुलिस विसरे का कैमिकल एनालिसिस कराएगी. 


अचानक तबीयत हो गई थी खराब

मृतक के बेटे आकाश ने पुलिस को बताया है कि पिता दीपक मरावी को 19 दिसंबर को अचानक घबराहट, बैचेनी और उल्टियां होने लगी. लेकिन उन्होंने इसे सामान्य बीमारी समझकर इलाज नहीं कराया. आकाश के अनुसार डोज लगवाने के बाद से पिता ने मजदूरी पर जाना बंद कर दिया था, वे कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कर रहे थे. 


सूचना देने के बाद भी नहीं पहुंचे कर्मी

मृतक के बेटे आकाश ने गंभीर आरोप भी लगाया है. बताया कि वैक्सीन लेने के बाद सेहत का हाल जानने हॉस्पिटल से फोन आते रहे. जब उनकी मौत हुई तो हॉस्पिटल प्रबंधन से तीन बार कॉल आया, लेकिन कोई कर्मी घर पर नहीं आया. जब उसने कॉल कर जानकारी दी तो एग्जीक्यूटिव ने कॉल डिसकनेक्ट कर दिया. मरने के बाद दूसरे डोज के लिए कॉल आया. वही, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अनिल दीक्षित ने कहा है कि वॉलेंटियर दीपक मरावी की मौत की जानकारी मिली है. उन्हें क्नीनिकल ट्रायल में वैक्सीन लगाया गाया था. पोस्टमार्टम का फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही कारण स्पष्ट हो पाएगा. 

टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Manish Kumar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें