BIHAR: शेखपुरा थानाध्यक्ष पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के सामने एक महिला ने गंभीर आरोप लगाया। दरअसल सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता के बाद उपमुख्यमंत्री के सामने पीड़िता फूट-फूट कर रोने लगी और न्याय की गुहार लगाने लगी। पीड़िता ने उपमुख्यमंत्री के सामने थानेदार पर आरोप लगाते हुए कहा कि शेखपुरा टाउन थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार से 13 अप्रैल 2024 को शाम में 4 बजकर 20 मिनट पर बात कर रही थी लेकिन थानाध्यक्ष ने उसी तारिख 4:30 को मुझ पर एवं मेरे परिवार पर 248/24 मोटा रकम लेकर झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया।
उस वक्त तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अरविंद कुमार सिन्हा ने इस मामले को तत्परता से लेते हुए जांच कर इसे झूठा करार दिया था लेकिन कुछ समय बाद इस केस को धर्मेंद्र कुमार और अनुसंधानकर्ता (आईओ) रिंकू रंजन ने मोटे पैसे लेकर मुझे परेशान करना शुरू कर दिया और विपक्षियों के मेल में आकर खुद ही घर से फ्रिज वाशिंग मशीन को लूट का सामान दिखाकर रिकवरी किया गया और न्यायालय में पेश कर दिया गया।
इसके बाद मुझे गिरफ्तार करने के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। इसके बाद मेरे पिताजी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। मेरी एक भी बात थानेदार ने पैसे के सामने नहीं सुना। तमाम बातें पीड़िता नगर थाना क्षेत्र के चढियारी गांव निवासी गुलिस्ता परवीन ने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के सामने कही। उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मामले को संज्ञान में लेते हुए तुरंत एसपी को तलब करते हुए इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिये। इसके साथ ही उन्होंने नगर थाना अध्यक्ष पर कार्रवाई करने की भी बात कही। अब देखने यह होगा की पुलिस कप्तान पीड़िता को कब तक न्याय दिला पाते हैं।





