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CBSE 10th परीक्षा 2026 में विद्या विहार का शानदार प्रदर्शन, 30 वर्षों की उत्कृष्टता के साथ 97.6% सर्वोच्च अंक, 85.7% विद्यालय औसत

Purnea News: विद्या विहार आवासीय विद्यालय, पूर्णिया ने CBSE 10वीं (AISSE 2026) परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 97.6% सर्वोच्च अंक और 85.7% औसत के साथ 30 वर्षों की उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपरा को कायम रखा।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 16, 2026, 3:28:03 PM

Purnea News

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Purnea News: विद्या विहार आवासीय विद्यालय, पूर्णिया ने सीबीएसई कक्षा 10 (AISSE 2026) परीक्षा में एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपरा को कायम रखते हुए शानदार सफलता अर्जित की है। वर्ष 1996 से 2026 तक 30 वर्षों की गौरवशाली शैक्षणिक यात्रा को निरंतर आगे बढ़ाते हुए विद्यालय ने इस वर्ष भी उत्कृष्ट परिणाम प्रस्तुत कर अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन एवं समर्पित शिक्षण पद्धति का सशक्त परिचय दिया है। विद्यालय का कुल औसत (सर्वश्रेष्ठ 5) 85.7% रहा, जो विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और संस्थान के सुव्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण का प्रत्यक्ष प्रमाण है।


परिणाम संक्षेप (AISSE 2026):

इस वर्ष कुल 226 छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया, जो अब तक का सर्वाधिक पंजीकरण है। इनमें 177 छात्र एवं 49 छात्राएँ शामिल हैं। 222 छात्र सफलतापूर्वक उत्तीर्ण हुए, जिससे विद्यालय का समग्र परिणाम अत्यंत संतोषजनक रहा। 95% एवं उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या 17 रही, जबकि 90% एवं उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 86 छात्र रहे। 80% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या 180 रही तथा 75% एवं उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 198 छात्रों ने डिस्टिंक्शन हासिल किया। 222 छात्र प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए, जो विद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता को दर्शाता है।


टॉपर्स एवं प्रमुख उपलब्धियाँ:

विद्यालय के समग्र प्रदर्शन में इस वर्ष भी उत्कृष्टता देखने को मिली। विद्यालय टॉपर साकेत कुमार ने 97.6% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया और विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। बालिका वर्ग में साक्षी कुमारी ने 95.4% अंक प्राप्त कर सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया और उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचय दिया। यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 की भांति इस वर्ष भी विद्यालय का सर्वोच्च प्रतिशत 97.6% रहा, जो निरंतर उत्कृष्टता और स्थिर शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाता है।


95% एवं उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र:

इस वर्ष कुल 17 छात्रों ने 95% से अधिक अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल की। इनमें साकेत कुमार (97.6%), आर्यन राज (97.4%), श्लोक कश्यप (97.0%), मोहम्मद सईब नासिर (96.8%), मयंक कुमार (96.6%), श्रेष्ठ कुमार (96.2%), अरमान कुमार (96.2%), सम्पूर्णा (95.8%), नमन कुमार गुप्ता (95.6%), साक्षी कुमारी (95.4%), एम.डी. अरसलान (95.2%), कृष्णा राज (95.2%), अभि रंजन (95.2%), आराध्या (95.2%), आयुष किशोर (95.2%), अर्नव राज (95.0%) तथा सिद्धि कुमारी (95.0%) शामिल हैं।


विशिष्ट शैक्षणिक उपलब्धियाँ:

कंप्यूटर एप्लीकेशन विषय में विद्यालय के छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 9 छात्रों ने 100 में 100 अंक प्राप्त किए। इन छात्रों में आर्यन राज, सम्पूर्णा, एम.डी. अरसलान, आयुष किशोर, हेतु कुमार, आर्यन राज (दूसरे छात्र), शुभांकर सक्षम , राज्यदा मिश्रा एवं लक्षवीर शामिल हैं। संस्कृत विषय में भी विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसमें 4 छात्रों ने 100 में 100 अंक प्राप्त किए। इनमें श्लोक कश्यप, श्रेष्ठ कुमार, साक्षी कुमारी एवं सिद्धि कुमारी शामिल हैं।


विषयवार सर्वोच्च अंक:

अंग्रेज़ी (184) में साकेत कुमार ने 98 अंक प्राप्त किए।

हिंदी (002) में कृष्णा राज ने 98 अंक प्राप्त कर दो दशकों बाद यह उपलब्धि दोहराई। वर्ष 2006 में सुपौल के सौरव कुमार ने हिंदी में 98 अंक प्राप्त किए थे।

संस्कृत (122) में चार छात्रों ने 100/100 अंक प्राप्त किए।

गणित (स्टैंडर्ड - 041) में सम्पूर्णा ने 96 अंक प्राप्त किए।

गणित (बेसिक - 241) में अरमान कुमारी ने 94 अंक प्राप्त किए।

विज्ञान (086) में आर्यन राज, श्लोक कश्यप एवं अभि रंजन ने 98 अंक प्राप्त किए।

सामाजिक विज्ञान (087) में नमन कुमार गुप्ता, आर्यन राज एवं बाबू सागर ने 99 अंक प्राप्त किए।

कंप्यूटर एप्लीकेशन (165) में 9 छात्रों ने 100/100 अंक प्राप्त किए।


विषयवार औसत अंक:

विद्यालय के छात्रों का विषयवार औसत प्रदर्शन भी अत्यंत संतोषजनक रहा। अंग्रेज़ी में 80.9, हिंदी में 84.2, संस्कृत में 90.1, गणित (स्टैंडर्ड) में 63.5, गणित (बेसिक) में 60.8, विज्ञान में 76.9, सामाजिक विज्ञान में 90.2 तथा कंप्यूटर एप्लीकेशन में 92.6 औसत अंक प्राप्त हुए। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि विद्यालय में भाषाई एवं वैकल्पिक विषयों में विशेष रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन हुआ है ।


डिस्टिंक्शन:

विद्यालय के 198 छात्रों ने 75% एवं उससे अधिक अंक प्राप्त कर डिस्टिंक्शन हासिल किया, जो विद्यालय की उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता एवं प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण को दर्शाता है।


विद्यालय प्रबंधन के विचार:

अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रत्नेश्वर मिश्र ने कहा कि 30 वर्षों की यह शैक्षणिक यात्रा निरंतर गुणवत्ता, अनुशासन एवं मूल्य आधारित शिक्षा पर आधारित रही है, और यह परिणाम उसी दीर्घकालिक प्रयास का परिणाम है। सचिव राजेश चंद्र मिश्र ने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के सहयोग का सामूहिक प्रतिफल है। निदेशक आर. के. पॉल ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है। प्राचार्य निखिल रंजन ने कहा कि विद्यार्थियों की निरंतर मेहनत, अनुशासन एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन ने इस सफलता को संभव बनाया है और भविष्य में भी यह परंपरा जारी रहेगी।


विद्यालय परिचय:

विद्या विहार आवासीय विद्यालय, पूर्णिया (बिहार) पिछले 30 वर्षों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों के समन्वय के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित एक अग्रणी संस्थान है। विद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता की एक विशिष्ट पहचान स्थापित की है।