ब्रेकिंग
बिहार में खाद की ब्लैकमार्केटिंग को लेकर सरकार अलर्ट, क्या बोले कृषि मंत्री रामकृपाल यादव?बड़ा हादसा टला: रामनवमी जुलूस के दौरान तेज आंधी तूफान से बीच सड़क पर गिर गया एलईडी गेट, डाकबंगला में मची अफरातफरी बिहार में शराबबंदी कानून की उड़ाई जा रही धज्जियां, समस्तीपुर मेले में काउंटर लगाकर खुलेआम बिक रही शराब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत लगाएंगे जनता दरबार, कहा..समस्याओं का होगा तुरंत समाधानरामनवमी पर डाकबंगला में भव्य कार्यक्रम: मनोज तिवारी के गानों पर झूमने लगे लोग, जय श्रीराम के नारे से गूंज उठा श्रीराम चौक बिहार में खाद की ब्लैकमार्केटिंग को लेकर सरकार अलर्ट, क्या बोले कृषि मंत्री रामकृपाल यादव?बड़ा हादसा टला: रामनवमी जुलूस के दौरान तेज आंधी तूफान से बीच सड़क पर गिर गया एलईडी गेट, डाकबंगला में मची अफरातफरी बिहार में शराबबंदी कानून की उड़ाई जा रही धज्जियां, समस्तीपुर मेले में काउंटर लगाकर खुलेआम बिक रही शराब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत लगाएंगे जनता दरबार, कहा..समस्याओं का होगा तुरंत समाधानरामनवमी पर डाकबंगला में भव्य कार्यक्रम: मनोज तिवारी के गानों पर झूमने लगे लोग, जय श्रीराम के नारे से गूंज उठा श्रीराम चौक

Water Crisis: गर्मी की दस्तक के साथ जल संकट की दहलीज पर पहुंचा बिहार, जलाशयों में सिर्फ 19 फीसदी पानी बचा

Water Crisis: गर्मी की दस्तक के साथ ही बिहार जल संकट की दहलीज पर पहुंच गया है। बिहार के जलाशयों में हर दिन पानी कम हो रहा है।

Water Crisis
गर्मी की दस्तक के साथ जल संकट की दहलीज पर पहुंचा बिहार
© google
Khushboo GuptaKhushboo Gupta|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

Water Crisis: गर्मी की दस्तक के साथ ही बिहार जल संकट की दहलीज पर पहुंच गया है। मार्च के महीने में ही जलाशयों के 81 फीसदी पानी सूख गये हैं। बिहार में सामान्य तौर पर जून में स्थिति अधिक बिगड़ती है, लेकिन इस बार यह संकट पहले ही आ गया है।भीषण गर्मी की शुरुआत से पहले ही जलाशय सूखने लगे हैं। हाल यह है कि इनमें हर दिन पानी कम हो रहा है और 19 फीसदी पानी शेष रह गया है। केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। आयोग ने देशभर के जलाशयों की अद्यतन रिपोर्ट जारी की है। आयोग की रिपोर्ट के अनुसार पूर्वी क्षेत्र के राज्यों की स्थिति बहुत खराब है। यहां के जलाशयों की स्थिति पिछले साल की तुलना में और बिगड़ी है।


वहीं बात करें बीते साल की तो पूर्वी क्षेत्र के जलाशयों में 51 फीसदी पानी था, जबकि इस साल महज 46 फीसदी पानी शेष रह गया है। हालांकि इसमें बिहार की स्थिति सबसे नाजुक है। यहां के जलाशयों में केवल 19 फीसदी पानी शेष रह गया है, जबकि बीते साल यहां 32 फीसदी पानी था। सामान्य जल की उपलब्धता 27 फीसदी मानी जाती है। पिछले साल जलाशयों में सामान्य से अधिक पानी था, लेकिन इस साल सामान्य से कम पानी उपलब्ध है।


आयोग की रिपोर्ट में पूर्वी क्षेत्र के सात राज्यों के जलाशयों को शामिल किया गया है। इसमें तीन राज्यों में जलाशयों की स्थिति बीते साल से बेहतर हुई है, जबकि तीन की खराब हुई है। एक राज्य में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। मगर बिहार में स्थिति सबसे खराब है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस साल बिहार में गर्मी ने समय से पहले दस्तक दी है। इसके कारण जलाशयों पर प्रभाव देखने को मिल रहा है।

इस खबर के बारे में
Khushboo Gupta

रिपोर्टर / लेखक

Khushboo Gupta

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें