Bihar News: समस्तीपुर के इंद्रवारा स्थित बाबा केवल महाराज के दरबार में उस समय खास माहौल देखने को मिला, जब विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी यहां पहुंचे। उन्होंने पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और बाबा केवल महाराज का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने देश और प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
पूजा के बाद मेला परिसर में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि वह पिछले करीब दस वर्षों से लगातार इस मेले में शामिल होते आ रहे हैं। बाबा केवल महाराज के प्रति उनकी गहरी आस्था है और हर साल यहां आकर वे आशीर्वाद लेते हैं। उन्होंने कहा कि इस पावन स्थल से लोगों की आस्था जुड़ी हुई है और यह जगह अब पूरे बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र बन चुकी है।
2028 में मेले को मिलेगा नया रूप!
अपने संबोधन के दौरान मुकेश सहनी ने एक बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि साल 2028 तक इस मेले को और भव्य और आकर्षक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेले को “मुंबई स्टाइल” में विकसित करने की योजना है, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और यह मेला राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सके।
जनता के प्यार से बना हूं समाज की आवाज
मुकेश सहनी ने लोगों का आभार जताते हुए कहा कि आज वे जिस मुकाम पर हैं, वह जनता के प्रेम और आशीर्वाद का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग की आवाज बनना उनका लक्ष्य है और इसके लिए वे लगातार काम करते रहेंगे।
उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के लिए जागरूक और संघर्षशील बनने की अपील करते हुए कहा, “हारने वालों को ही जीत मिलती है। अगर आज हार मिली है, तो कल जीत तय है।” उनके इस बयान पर वहां मौजूद लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं।
कर्म और शिक्षा पर दिया जोर
अपने भाषण में मुकेश सहनी ने कर्म के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए मेहनत और ईमानदारी जरूरी है। बाबा का आशीर्वाद और अपने कर्म दोनों मिलकर इंसान को आगे बढ़ाते हैं।
उन्होंने खास तौर पर लोगों से अपने बच्चों को शिक्षित बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह ताकत है, जिससे समाज की बेड़ियां टूट सकती हैं और लोग आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
हम मल्लाह के बेटे हैं, फंसते नहीं हैं
‘सन ऑफ मल्लाह’ के नाम से मशहूर मुकेश सहनी ने अपने अंदाज में कहा कि उनके पूर्वजों के संघर्ष की बदौलत ही आज देश आजाद है। उन्होंने कहा, “हम मल्लाह के बेटे हैं। हम जाल में मछली फंसाते हैं, खुद कभी नहीं फंसते।” इस मौके पर मेला समिति के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री रामाश्रय सहनी, उमेश सहनी, विपिन सहनी समेत कई स्थानीय नेता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।






