Bihar News: बिहार के सहरसा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत सदर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पंचवटी चौक इलाके में स्मैक तस्करी में संलिप्त तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि इस गिरोह का मुख्य सरगना मौके से फरार हो गया है।
दरअसल, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वार्ड संख्या 19 के निवासी अमित यादव अपने घर के सामने बने बथान (मवेशी शेड) में अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी-छिपे स्मैक की बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही संध्या गश्ती दल ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद दंडाधिकारी की नियुक्ति कर एक सुनियोजित छापेमारी की गई।
सदर थाना की पुअनि खुशबू कुमारी के नेतृत्व में बथान की घेराबंदी की गई। पुलिस को देखकर एक युवक भागने लगा जिसे पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन गलीनुमा रास्ता और अंधेरे का लाभ उठाकर वह फरार हो गया। उसकी पहचान एक हाथ से दिव्यांग युवक के रूप में हुई है। घटना स्थल से तीन युवकों को हिरासत में लिया गया, जिनकी पहचान गंगजला निवासी अंकित कुमार, सिमराहा निवासी संजय ठाकुर और पंचवटी निवासी अंकित कुमार कर के रूप में हुई है, जबकि इस गिरोह का मुख्य सरगना अमित यादव मौके से फरार हो गया है।
बता दें कि तीनों की तलाशी के दौरान पुलिस ने काले रंग की पन्नी में स्मैक जैसा पदार्थ (कुल वजन: 6.35 ग्राम) ₹9,400 नकद, PNB बैंक का एटीएम कार्ड और तीन मोबाइल फोन के साथ अन्य आपत्तिजनक वस्तुओं को बरामद किया है। वहीं, पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि अमित यादव उन्हें स्मैक उपलब्ध कराता है और वे सब मिलकर इसे बेचते हैं। बिक्री से प्राप्त पूरा पैसा अमित को दिया जाता है। उन्होंने बताया कि स्मैक की 0.2 ग्राम मात्रा ₹200 में बेची जाती है, और नशा करने की जगह भी अमित ही उपलब्ध कराता है।
कार्रवाई के दौरान मुख्य तस्कर अमित यादव मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसके खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में कुल चार लोगों को अभियुक्त बनाया गया है। गौरतलब है कि सहरसा सहित कोसी क्षेत्र में सूखे नशे (स्मैक, ब्राउन शुगर, आदि) का कारोबार तेजी से फैल रहा है। बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा पूरे राज्य में एंटी-ड्रग अभियान चलाया जा रहा है। कोसी रेंज के डीआईजी मनोज कुमार ने विशेष रूप से निर्देश दिए हैं कि नशा कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पूर्व भी सहरसा और आसपास के इलाकों से कई बार स्मैक की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस लगातार सतर्क है, लेकिन स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे इस प्रकार की गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।





