Patna News: आरजेडी विधायक रीतलाल यादव के गांव में सोमवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जमीन विवाद से जुड़े एक मामले में छापेमारी की। छापेमारी का उद्देश्य विधायक के कथित गुर्गों को गिरफ्तार करना था, जिन पर एक आवासीय भवन को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि यह छापेमारी दानापुर अनुमंडल पुलिस द्वारा की गई, जिसकी अगुवाई सिटी एसएपी वेस्ट भानु प्रताप ने की। यह कार्रवाई एक पीड़ित द्वारा दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के आधार पर की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि विधायक रीतलाल यादव के करीबी सहयोगियों ने उसके प्लॉट पर बन रहे एक आवासीय भवन को जबरन तोड़ दिया। इस घटना के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए विधायक के गांव में छापा मारा, जहां कुछ संदिग्धों की तलाश की गई। हालांकि इस छापेमारी के दौरान अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है, और जल्द ही आरोपी कानून की गिरफ्त में होंगे।
बता दें कि आरजेडी विधायक रीतलाल यादव फिलहाल एक अन्य मामले में जेल में बंद हैं। ऐसे में इस नए मामले से उनकी और उनकी टीम की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। पुलिस के मुताबिक, यह मामला केवल संपत्ति विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें गुंडागर्दी और जबरन कब्जे जैसी धाराओं के तहत भी आरोप लग सकते हैं। सिटी एसएपी वेस्ट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि,कानून से ऊपर कोई नहीं है। अगर कोई आम नागरिक या जनप्रतिनिधि भी अपराध में संलिप्त पाया जाता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर बिहार की राजनीति और जमीन विवादों के गहरे रिश्ते को उजागर करती है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मामले में आगे क्या मोड़ आता है।




