PATNA: अब ये ज्यादा दिनों की बात नहीं होगी कि पटना से पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार जैसे जिलों का सफर सिर्फ 3- 4 घंटे में पूरा हो जाएगा. पूर्णिया से देश की राजधानी दिल्ली का रास्ता सिर्फ 15 घंटे का होगा. ये सपना उस नए एक्सप्रेसवे से पूरा होगा जिसके निर्माण की आखिरी मजूरी दे दी गई है.
6 लेन नए एक्सप्रेसवे को मंजूरी
बिहार की राजधानी पटना से पूर्णिया के बीच प्रस्तावित छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को आखिरकार बिहार सरकार ने अपनी आखिरी स्वीकृति दे दी है. यह महत्वपूर्ण फैसला मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा की अध्यक्षता में आयोजित केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक में लिया गया.
इसी साल शुरू होगा काम
यह एक्सप्रेस-वे परियोजना बिहार के लिए न सिर्फ एक नई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी, बल्कि सीमांचल क्षेत्र में आर्थिक विकास को तेज करेगा. अब बिहार सरकार ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से इस परियोजना की निविदा जल्द से जल्द प्रकाशित करने का अनुरोध किया है ताकि 2025 के अंत तक निर्माण कार्य शुरू किया जा सके.
केंद्र सरकार के नियमों के मुताबिक जिन सड़क परियोजनाओं की लागत 500 करोड़ रुपये से अधिक होती है, ऐसी तमाम परियोजनाएं नेशनल प्लानिंग ग्रुप (NPG) के पास भेजी जाती हैं. NPG ने पहले ही एनएचएआई को निर्देश दिया था कि इस परियोजना के लिए बिहार सरकार से औपचारिक मंजूरी प्राप्त की जाए.
अगले 15 दिनों में केंद्र की मजूरी
राज्य सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना को वित्तीय मंजूरी के लिए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के पास भेजा जा रहा है. उम्मीद की जा रही है कि वित्त मंत्रालय की पीपीपीएसी (PPPAC) कमेटी अगले 15 दिनों के भीतर मंजूरी प्रदान कर देगी.
HAM मोड पर होगा निर्माण
इस सड़क का निर्माण हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत किया जाएगा. इस मॉडल में निर्माण एजेंसी 60% लागत वहन करेगी, जबकि बाकी 40% राशि केंद्र सरकार प्रदान करेगी.टोल प्लाजा के जरिए निर्माण एजेंसी को अपनी लागत की भरपाई की अनुमति दी जाएगी. साथ ही, एजेंसी अगले 15 वर्षों तक सड़क की देखरेख (O&M) की जिम्मेदारी भी संभालेगी.
बनेंगे कई बड़े पुल, इंटरचेंज और ROB
भारतमाला परियोजना-2 के तहत बनने वाली इस सड़क के डिज़ाइन और इंजीनियरिंग एलाइन्मेंट को पहले ही 15 जनवरी को स्वीकृति मिल चुकी है। परियोजना में निम्नलिखित प्रमुख संरचनाएं शामिल होंगी:
20 बड़े पुल (Major Bridges)
130 छोटे पुल (Minor Bridges)
11 रेलवे ओवर ब्रिज (ROB)
19 इंटरचेंज
309 वीयूपी (Vehicular Underpasses)
इन सभी सुविधाओं के साथ यह एक्सप्रेस-वे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
क्या है इस एक्सप्रेसवे का रूट मैप
यह एक्सप्रेस-वे वैशाली जिले के सराय टोल प्लाजा के पास मीरनगर अराजी (NH-22) से शुरू होगा और समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा होते हुए पूर्णिया जिले के चांद भट्ठी के पास हंसदाह (NH-27) में समाप्त होगा. इस एक्सप्रेस-वे के बनने से पटना से पूर्णिया की यात्रा मात्र 3 घंटे में पूरी की जा सकेगी, जो वर्तमान में 6 से 7 घंटे तक लगती है।
एयरपोर्ट और एनएच से कनेक्टिविटी
यह सड़क दिघवारा-शेरपुर पुल के माध्यम से बिहटा एयरपोर्ट से जुड़ जाएगी.
दरभंगा एयरपोर्ट और पूर्णिया एयरपोर्ट दोनों से इसकी सीधी कनेक्टिविटी होगी.
पटना रिंग रोड का हिस्सा रहे दिघवारा को इस एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा.
पूर्णिया से चलने वाले वहां सराय टोल से दिघवारा होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के जरिए दिल्ली सिर्फ 15 घंटे में पहुँच सकेंगे।




