Patna Smart City : पटना में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहरी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। राजधानी के पश्चिमी हिस्से में सगुना मोड़ से रूपसपुर नहर तक सड़क चौड़ीकरण, पार्किंग और वॉक-वे निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना पर काम तेज कर दिया गया है। योजना पूरी होने के बाद यह मार्ग बिहार की सबसे चौड़ी सड़क के रूप में विकसित होगा, जहां दोनों दिशाओं में सात–सात लेन की सुविधा उपलब्ध होगी।
इस परियोजना के तहत सड़क, सर्विस लेन, बॉक्स नाला, पार्किंग और वॉक-वे को एकीकृत रूप से विकसित किया जा रहा है। अभी इस हिस्से में मुख्य सड़क तीन लेन की है और दो लेन की सर्विस रोड है। साथ ही 318 करोड़ रुपये की लागत से 2.7 किलोमीटर लंबे हिस्से में बॉक्स नाले का निर्माण किया जा रहा है, जिसके ऊपर दो लेन की अतिरिक्त सड़क बनाई जाएगी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सगुना मोड़ से रूपसपुर नहर तक आने-जाने के लिए लोगों को सात-सात लेन की चौड़ी सड़क मिलेगी। इससे ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
राजधानी में वाहन पार्किंग एक बड़ी समस्या रही है। कई प्रमुख सड़कों पर लोग बेतरतीब ढंग से वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे जाम की स्थिति बन जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए नेहरू पथ के किनारे दोनों ओर लगभग 500 चार पहिया वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा विकसित की जाएगी। फुटपाथ को नए डिजाइन के तहत पुनर्गठित करते हुए ढाई से तीन मीटर चौड़ी पार्किंग बनाई जाएगी। इससे सड़क पर अवैध पार्किंग पर रोक लगेगी और यातायात सुचारू होगा।
पार्किंग के साथ ही दो से चार मीटर चौड़ा आधुनिक वॉक-वे भी तैयार किया जाएगा। खास बात यह है कि मौजूदा पेड़ों को संरक्षित रखते हुए वॉक-वे का डिजाइन तैयार किया जा रहा है। पेड़ों को वॉक-वे के भीतर समाहित किया जाएगा और अतिरिक्त पौधारोपण भी किया जाएगा। पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए लोहे की रेलिंग या क्रॉस बैरियर लगाए जाएंगे। इसके अलावा दूधिया रोशनी वाली आधुनिक स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी, ताकि रात के समय भी लोग सुरक्षित वातावरण में आवाजाही कर सकें।
यह परियोजना मेट्रो यात्रियों के लिए भी बेहद लाभकारी साबित होगी। इस मार्ग पर सगुना मोड़ मेट्रो स्टेशन, आरपीएस मोड़ मेट्रो स्टेशन और गोला रोड मेट्रो स्टेशन का निर्माण प्रस्तावित है। सड़क चौड़ी होने और पार्किंग की सुविधा मिलने से मेट्रो स्टेशन तक पहुंचना आसान होगा। यात्री अपने निजी वाहन निर्धारित पार्किंग में खड़ा कर मेट्रो सेवा का लाभ उठा सकेंगे। इससे सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी।
शहरी नियोजन के लिहाज से यह परियोजना बहु-आयामी है। एक ओर जहां बॉक्स नाले के निर्माण से जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी, वहीं चौड़ी सड़क और सर्विस लेन से यातायात प्रबंधन सुदृढ़ होगा। पार्किंग और वॉक-वे जैसी सुविधाएं नागरिकों को बेहतर शहरी अनुभव देंगी। यदि योजना निर्धारित समयसीमा में पूरी हो जाती है, तो पश्चिमी पटना का यह इलाका ट्रैफिक प्रबंधन और आधुनिक शहरी विकास का नया मॉडल बन सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की समेकित परियोजनाएं न केवल यातायात की समस्या को कम करती हैं, बल्कि शहर की समग्र छवि को भी बेहतर बनाती हैं। आने वाले समय में यह मार्ग पटना के विकसित होते बुनियादी ढांचे की पहचान बन सकता है और स्मार्ट सिटी की दिशा में एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत करेगा।






