Patna News: खबर बिहार की राजधानी पटना है, जहां पीएमसीएच के आरएसबी वार्ड के पीछे पार्किंग के पास खुले मैदान में घंटों दो लावारिस मरीज पड़े रहे। इलाज नहीं होने के कारण एक मरीज की मौत हो गई है, जबकि एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन को इसकी जब भनक लगी तो उसमें से एक 25 वर्षीय लावारिस मरीज को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया।
जानकारी के मुताबिक जिसकी उम्र करीब 55 वर्ष थी, उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों लावारिस मरीज दिन के नौ बजे के आसपास से ही आरएसबी के पीछे पार्किंग वाले हिस्से में पड़े थे। कुछ लोगों ने इसकी सूचना पीएमसीएच के टीओपी प्रभारी को दी। इसके बाद पुलिस वहां पहुंची। टीओपी प्रभारी ने बताया कि 55 वर्षीय लावारिस मरीज का इलाज पीएमसीएच में ही चल रहा था, लेकिन इलाज के दौरान ही वह अपने आप बाहर चला गया। इसके बाद उसकी मौत हो गई।
फिलहाल मृतक और इलाज चल रहे मरीजों की पहचान नहीं हो पाई है। मृतक के शव को सुरिक्षत रखा गया है। पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. आईएस ठाकुर ने जानकारी दी है कि सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की गई और मरीज को वार्ड में भर्ती कराया गया है। उनका कहना है कि राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में फिलहाल लावारिस वार्ड नहीं है। पीएमसीएच के जीर्णोद्धार का कार्य होने से लावारिस और कैदी वार्ड का पुराना भवन तोड़ दिया गया है।
साथ ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हुई है। ऐसे मरीजों का इलाज सामान्य वार्ड में ही कराया जा रहा है। कई बार मरीज इलाज के दौरान वार्ड से बाहर चले जाते हैं और अस्पताल प्रशासन को कोई जानकारी नहीं मिल पाती। घटना स्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि इसमें साफ तौर पर हॉस्पिटल की लापरवाही नजर आ रही है। साथ ही लोगों का कहना है कि बिहार के स्वास्थ मंत्री से यह विभाग नहीं संभल रहा है। मंत्री जी को आम जनता से कोई लेना-देना है। सिर्फ अच्छे इमारत बनाने से नहीं होगा, बल्कि इलाज भी उपलब्ध कराना भी जरुरी है।




