Bihar bus accident : मुजफ्फरपुर जिले के पारू थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। लालू छपरा के समीप ‘जय माता दी’ नामक एक यात्री बस और दिल्ली नंबर की एक कार के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में कार सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और शव वाहन के अंदर ही बुरी तरह फंस गए, जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जय माता दी बस बेतिया और अरेराज से यात्रियों को लेकर पटना की ओर जा रही थी। बताया जा रहा है कि लालू छपरा के पास बस चालक ने आगे चल रहे वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी दौरान सामने से तेज रफ्तार में आ रही कार से बस की सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। हादसे के तुरंत बाद बस चालक बस को बीच सड़क पर ही छोड़कर मौके से फरार हो गया, जिससे लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला।
हादसे का दृश्य बेहद भयावह था। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसमें सवार दोनों लोग अंदर ही दब गए थे। आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और कार में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की, लेकिन कार पूरी तरह चकनाचूर होने के कारण शवों को बाहर निकालना संभव नहीं हो पाया। घटना की सूचना मिलने के बाद पारू थाना की पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत करते हुए गैस कटर की मदद से कार के हिस्सों को काटकर दोनों शवों को बाहर निकाला।
घटना के बाद सड़क पर कुछ देर के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था। पुलिस ने क्रेन और स्थानीय लोगों की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कराया। पारू थाना के प्रभारी थानेदार आलोक कुमार यादव ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि बस और कार की टक्कर में दो लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) भेज दिया गया है। साथ ही दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर लिया गया है और फरार बस चालक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में कार का नंबर दिल्ली का होने के कारण मृतकों के बाहरी राज्य के होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं इस हादसे की सूचना मिलने के बाद मृतकों के परिजनों में शोक और कोहराम मचने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर तेज रफ्तार बसों पर सख्ती से नियंत्रण करने और नियमित जांच अभियान चलाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।






