Bihar News : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गरहा में आयोजित ‘बाबू अर्जुन राय मेला’ उस वक्त जंग के मैदान में बदल गया, जब भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव के लाइव कार्यक्रम के दौरान बेकाबू भीड़ ने हंगामा खड़ा कर दिया। हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़ अचानक हिंसक हो गई, जिसके बाद पुलिस को हालात काबू में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। जवाब में उग्र लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे पूरा इलाका रणक्षेत्र जैसा नजर आने लगा।
भीड़ बनी आफत, मचा बवाल
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही खेसारी लाल यादव मंच पर पहुंचे, उन्हें करीब से देखने के लिए लोग बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगे। सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ गई और मेला कमेटी के लोगों व ग्रामीणों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते यह मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और दोनों तरफ से पत्थर चलने लगे।
स्थिति इतनी भयावह हो गई कि मौके पर मौजूद पुलिस बल को लाठीचार्ज करना पड़ा। लेकिन इससे भीड़ और भड़क गई और जवाब में पुलिस पर भी पथराव शुरू कर दिया गया। चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
4 घंटे तक जाम रहा नेशनल हाईवे
इस बवाल का असर आसपास के इलाकों पर भी पड़ा। घटना के बाद नेशनल हाईवे पर करीब 4 घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। सैकड़ों वाहन फंसे रहे और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुलिस को ट्रैफिक बहाल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए खौफनाक वीडियो
घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह एक ओर पुलिस भीड़ को खदेड़ रही है, जबकि दूसरी तरफ से लोग पत्थर बरसा रहे हैं। भगदड़ के बीच चीख-पुकार और अफरा-तफरी ने पूरे माहौल को और डरावना बना दिया।
SSP का बड़ा बयान—“आयोजकों की लापरवाही”
मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि आयोजन की अनुमति ली गई थी और सुरक्षा के लिए 150 पुलिसकर्मी, चार थानों के प्रभारी और एक डीएसपी तैनात किए गए थे। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आयोजकों की ओर से भारी चूक हुई। SSP के मुताबिक, “जब कोई बड़ा स्टार आता है, तो भीड़ जुटना तय है। लेकिन आयोजकों ने भीड़ के हिसाब से पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। इसी वजह से स्थिति बिगड़ी।”
जांच में जुटी पुलिस, होगी सख्त कार्रवाई
फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि क्या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ था। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पूर्व मंत्री और भाजपा नेता रामसूरत राय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में हुई हिंसा ने अब राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज कर दी है।
सवालों के घेरे में व्यवस्था
इस पूरी घटना ने एक बार फिर बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या सिर्फ स्टार पावर के भरोसे ऐसे आयोजन करना सही है? या फिर प्रशासन और आयोजकों को मिलकर मजबूत प्लानिंग करनी होगी? फिलहाल, मुजफ्फरपुर की यह घटना एक चेतावनी बनकर सामने आई है—कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है।






