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‎उच्च न्यायालय का आदेश भी नहीं मान रहा पटना आईआईटी, सैकड़ों स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर लगा: देव ज्योति

आईआईटी पटना परिसर में संचालित फाउंडेशन एकेडमी स्कूल को बंद करने के मुद्दे पर विवाद गहरा गया है। वीआईपी नेता देव ज्योति ने हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी का आरोप लगाते हुए सैकड़ों छात्रों के भविष्य पर खतरा बताया।

बिहार न्यूज
हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी का आरोप
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
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‎PATNA: विकासशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति ने पटना आईआईटी परिसर में चल रहे फाउंडेशन एकेडमी के स्कूल के बंद करने को लेकर आईआईटी प्रबंधन पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आईआईटी पटना परिसर में संचालित होने वाले फाउंडेशन एकेडमी को बंद करने के आदेश पर पटना हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है, इसके बावजूद अहंकार में डूबी आईआईटी उस आदेश को भी नहीं मान रही है।  


‎वीआईपी के प्रवक्ता देव ज्योति ने कहा कि विवाश्वान एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी (VEWS) और आईआईटी के बीच वर्ष 2016 में एक समझौता हुआ, जिसके तहत 33 वर्षों तक आईआईटी पटना परिसर में छात्रों को शिक्षा प्रदान की जानी थी, और इसी समझौते के तहत विवाशवान एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी (VEWS) द्वारा परिसर के अंदर फाउंडेशन एकेडमी स्कूल की स्थापना की गई थी।  


‎वर्ष 2021 में आईआईटी ने फाउंडेशन एकेडमी को केवल 2028 तक स्कूल चलाने का नोटिस भेजा। उसी संदर्भ में आईआईटी पटना द्वारा फाउंडेशन एकेडमी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए धन्यवाद भी दिया गया। इन सभी वर्षों में आईआईटी पटना ने कभी भी स्कूल बंद करने की बात नहीं की, लेकिन पिछले एक वर्ष से लगातार स्कूल के लिए समस्याएं खड़ी की जाने लगीं।  


‎उन्होंने बताया कि 19 मार्च को फाउंडेशन एकेडमी को ई-मेल भेजकर कहा गया कि स्कूल को 30 मार्च तक बंद कर दिया जाएगा, क्योंकि उनके अनुसार स्कूल ने समझौते का उल्लंघन किया है। हालांकि, फाउंडेशन एकेडमी ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि उन्होंने किसी भी प्रकार का समझौता उल्लंघन नहीं किया है। ‎22 मार्च को कई समाचार पत्रों में यह खबर प्रकाशित करवाई कि फाउंडेशन एकेडमी 31 मार्च से कार्य नहीं करेगी।  


‎देव ज्योति ने आरोप लगाया है कि आईआईटी के रजिस्ट्रार और डीन (एडमिन) प्रोफेसर अवलेन्द्र कुमार ठाकुर अपने अहंकार में अपने पद का दुरुपयोग कर सैकड़ों बच्चों का भविष्य खराब कर रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या कोई व्यक्ति आईआईटी में दो बड़े पदों पर रह सकता है?  


‎फाउंडेशन एकेडमी ने पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर की और स्टे ऑर्डर प्राप्त किया, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि स्कूल बिना किसी बाधा के चलता रहेगा और 1 अप्रैल 2026 से सत्र प्रारंभ किया जाएगा। लेकिन रजिस्ट्रार ने इस आदेश का उल्लंघन करते हुए छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी।  ‎इसके अतिरिक्त, फाउंडेशन एकेडमी के परिसर में केंद्रीय विद्यालय का बोर्ड लगाकर वहां कक्षाएं भी शुरू कर दी गई हैं।  

‎वीआईपी के नेता देव ज्योति ने आगे कहा कि आईआईटी पटना परिसर में पहले एक निजी कंपनी द्वारा आईआईटी के नाम पर कोर्स भी चलाया गया था, जिसे लेकर पिछले साल सीबीआई ने छापेमारी की थी, लेकिन उसका परिणाम क्या हुआ, इसकी किसी को जानकारी नहीं हुई। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि आखिर सीबीआई आईआईटी पटना क्यों आई थी?  

‎उन्होंने कहा कि फाउंडेशन एकेडमी परिसर स्थित स्कूल में एक से 12वीं तक की पढ़ाई होती है जिसमें करीब एक हजार विद्यार्थी हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आईआईटी हठधर्मिता को नहीं छोड़ेगा तो वीआईपी चरणबद्ध आंदोलन करेगा, जिसकी जवाबदेही आईआईटी की होगी।  

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रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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