Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य की नदियों में बाढ़ से सुरक्षा और राहत सुनिश्चित करने के लिए बड़े बांध निर्माण और ऊंचाई बढ़ाने का काम तेज कर दिया है। कुल 2148.02 करोड़ रुपये की लागत से बागमती, गंडक, कमला बलान, सिकरहना और मसान नदियों में यह कार्य किया जाएगा।
जल संसाधन विभाग के अनुसार, बागमती नदी पर पुराने बांध की ऊंचाई बढ़ाई जा रही है। यह ऊंचाई 2024 में आई बाढ़ के जल स्तर के आधार पर तय की गई है। बागमती नदी के दायें तटबंध को करीब 63.76 किलोमीटर लंबाई में बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है।
बांध पर अलकतरा वाली सड़क भी बनाई जाएगी, जिससे निरीक्षण और रखरखाव में सुविधा होगी। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 1378.10 करोड़ रुपये है। पश्चिमी और पूर्वी चंपारण जिले में सिकरहना नदी पर 56.22 किलोमीटर लंबे दायें तटबंध का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें 28 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसकी लागत 239.63 करोड़ रुपये है।
गंडक नदी पर हसनपुर बनिया से सगुनी तक नए तटबंध का निर्माण 8.33 किलोमीटर लंबाई में किया जा रहा है, जिसमें 86 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इस परियोजना की लागत 59.88 करोड़ रुपये है और यह सारण जिले के पानापुर व तरैया प्रखंडों को बाढ़ से सुरक्षा देगा।
कमला बलान नदी (फेज-3) में 255.45 करोड़ रुपये की लागत से बायां तटबंध 105.35 किलोमीटर और दायां तटबंध 111.29 किलोमीटर लंबाई में निर्माणाधीन है। इसमें करीब 83 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। यह परियोजना जयनगर से दरभंगा, समस्तीपुर और सहरसा के महिषी प्रखंड तक बाढ़ सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और स्थानीय आवागमन को सुगम बनाएगी। राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 में इन सभी नदियों पर तेजी से बांध निर्माण कार्य पूरा करने का निर्णय लिया है। अधिकांश जगहों पर बांध निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।





