PATNA: बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के संगठनात्मक चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आरजेडी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव 21 जून को होगा। वही राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव 5 जुलाई को किया जाएगा। पार्टी के इस चुनाव को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
लालू यादव की वापसी लगभग तय
राजद के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की एक बार फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर वापसी लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि चुनाव प्रक्रिया औपचारिक है, लेकिन पार्टी के भीतर उनकी भूमिका निर्विवाद है। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व में कोई परिवर्तन नहीं दिख रहा है।
जगदानंद सिंह की कुर्सी पर संशय
वर्तमान बिहार प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह आने वाले प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। क्योंकि वो राष्ट्रीय जनता दल के पहले सवर्ण प्रदेश अध्यक्ष हैं। जगदानंद सिंह तेजस्वी यादव के करीबी माने जाते हैं। लेकिन पिछले कुछ महीनों से उनका पार्टी गतिविधियों से दूर रहना और स्वास्थ्य कारणों का हवाला देना कई तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक जगदानंद सिंह का कार्यकाल प्रभावी रहा है, लेकिन पार्टी अब ऐसे चेहरे की तलाश में है जो तेजस्वी यादव के नेतृत्व और विजन को पूरी ताकत से जमीन पर उतार सके। राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा है कि पार्टी की कमान उसे सौंपी जाएगी जो राजद के सिद्धांतों के साथ चलने वाला हो और तेजस्वी यादव के सपनों को साकार करने के लिए पूरी तरह समर्पित हो।
राजनीतिक विश्लेषकों का भी मानना है कि राजद इस बार संगठन के जरिए अपने अंदर की गुटबाजी और कमजोर कड़ियों को सुधारने की कोशिश करेगी। ऐसे में यदि जगदानंद सिंह की जगह किसी और को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाता है, तो वह पार्टी की रणनीतिक दिशा का हिस्सा हो सकता है। राजद का यह सांगठनिक चुनाव बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। पार्टी चाहता है कि चुनाव से पहले हर स्तर पर नेतृत्व स्पष्ट हो और तेजस्वी यादव की अगुवाई में एक सशक्त संगठन तैयार हो।
राजद में यह संगठनात्मक चुनाव महज औपचारिकता नहीं बल्कि पार्टी के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम साबित हो सकता है। जहां लालू यादव की वापसी लगभग तय है, वहीं जगदानंद सिंह की स्थिति पर सबकी निगाहें टिकी हैं। क्या पार्टी उन्हें सम्मानजनक विदाई देगी या एक बार फिर भरोसा जताएगी यह तो आने वाले दिनों में स्पष्ट हो पाएगा।





