Bihar Weather: बिहार में मॉनसून की भारी बारिश ने कई जगहों पर हालात बिगाड़ दिए हैं। गंगा, कोसी, बागमती, गंडक, कमला और बूढ़ी गंडक जैसी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। अब पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर, गोपालगंज और सीवान में भारी से अत्यंत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, साथ ही मेघ गर्जन और वज्रपात की चेतावनी भी दी गई है। लोगों से घरों में रहने और सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
रविवार को राज्य के 13 जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई। मधुबनी में 171.2 मिमी, किशनगंज में 152 मिमी, सीवान में 140.6 मिमी और पूर्णिया में 127.4 मिमी बारिश हुई। पटना के दानापुर में 78.4 मिमी, फतुहा में 72.2 मिमी और पुनपुन में 70 मिमी बारिश ने जलभराव की स्थिति पैदा की। बेगूसराय, सुपौल, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, नालंदा, सारण और जहानाबाद में भी भारी बारिश हुई। इस बारिश से पटना का तापमान 1 डिग्री गिरकर 28.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सीवान का सबसे कम 27.5 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक बिहार में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, हालांकि मंगलवार से मॉनसून के कमजोर होने के आसार हैं। उत्तर बिहार में मॉनसून की द्रोणिका के कारण बारिश का असर ज्यादा है। पटना, भागलपुर, बक्सर और अन्य जिलों में जलभराव ने जनजीवन प्रभावित किया है। रेलवे स्टेशनों और सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात बाधित है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को आपदा प्रबंधन विभाग के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को अलर्ट रहने और निचले इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। बिहार जल संसाधन विभाग के अनुसार सभी तटबंध सुरक्षित हैं, लेकिन नदियों के बढ़ते जलस्तर से भोजपुर, खगड़िया, सुपौल और पूर्वी चंपारण में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है।






