Budget Session : बिहार विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन विधायकों के स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर हंगामा देखने को मिला। भाजपा के विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने सरकार से सवाल किया कि राज्य के सभी विधायकों को फ्री इलाज की सुविधा तो मिली हुई है, लेकिन इसका सही ढंग से क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार विधायकों को अस्पतालों में उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
इस पर प्रभारी मंत्री ने अपने स्तर से जवाब दिया और बताया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है और जल्द ही सभी प्रक्रियाओं को दुरुस्त किया जाएगा। लेकिन भाजपा विधायक उस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने कहा कि केवल आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा, ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है। सदन में हलचल बढ़ गई और चर्चा थोड़ी देर तक जारी रही।
इसके बाद विधानसभा स्पीकर ने हस्तक्षेप किया और कहा कि सरकार इस मामले में सजग है और संबंधित विभाग की बैठक जल्द ही बुलाकर उचित कदम उठाए जाएंगे। स्पीकर ने यह भी आश्वस्त किया कि विधायकों की सुविधा को लेकर कोई कमी नहीं रहेगी और सभी को उनके अधिकार अनुसार इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
सदन में भाजपा के सम्राट चौधरी ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि सरकार को जल्द ही यथासंभव एक्शन लेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि विधायकों को फ्री इलाज की सुविधा सही समय पर और सही तरीके से मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो इसको लेकर जो भी फैसला होगा जल्द होगा ताकि विधायकों को उनके अधिकार से वंचित न होना पड़े।
इस चर्चा के बाद विधानसभा में इस मामले पर गंभीरता का माहौल बन गया। सरकार ने आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और सभी विधायकों को उनका हक मिलेगा। विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने भी कहा कि वे सरकार के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे और किसी प्रकार की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।इस तरह बजट सत्र के चौथे दिन विधायकों के स्वास्थ्य और फ्री इलाज की सुविधा पर जोरदार चर्चा हुई, जिसमें सरकार ने शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिया।





