Bihar Vegetable Export: बिहार के किसानों की मेहनत अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में रंग ला रही है। दुबई, नेपाल और सिंगापुर जैसे देशों में बिहारी सब्जियों और फलों की मांग बढ़ रही है। बिहार सरकार की सहकारी पहल और नई कोल्ड स्टोरेज योजना के साथ-साथ हिंदुस्तान लिवर जैसी कंपनियों की भागीदारी से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है।
सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने औरंगाबाद में ‘सहकारिता में सहकार’ कार्यशाला के दौरान इस ऐतिहासिक बदलाव की जानकारी दी है। 4 जून 2025 को बिहार ने 1,500 किलोग्राम ताजा फल और सब्जियों की पहली खेप दुबई के लुलु हाइपरमार्केट के लिए रवाना की। इस खेप में परवल, करैला, बैंगन, कटहल, केला और जर्दालु आम शामिल थे।
यह निर्यात बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन फेडरेशन (VEGFED) के सहयोग से हुआ, जो COMFED (सुधा डेयरी) की तर्ज पर स्थापित है। VEGFED ने तिरहुत, वैशाली, चंपारण और मगध क्षेत्र के किसानों को इस आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ा है। मंत्री प्रेम कुमार ने बताया कि दुबई में ये सब्जियां घरेलू बाजार की तुलना में 20 गुना अधिक कीमत पर बिक रही हैं।
लुलु हाइपरमार्केट ने 45 मीट्रिक टन सब्जियों की साप्ताहिक मांग की है और ट्रायल प्रोजेक्ट के तहत हर हफ्ते इतनी मात्रा का निर्यात शुरू हो चुका है। इसकी सफलता के बाद निर्यात की मात्रा और गंतव्यों को बढ़ाने की योजना है।
नेपाल ने बिहार से 5,000 किलोग्राम सब्जियों की मांग की है, जिसमें आलू, टमाटर, भिंडी और गोभी शामिल हैं। सिंगापुर के साथ भी निर्यात की बातचीत अंतिम चरण में है, जहां कटहल, बैंगन और मखाना जैसे उत्पादों की डिमांड है। बिहार का लक्ष्य है कि "हर थाली में बिहारी सब्जियां" का नारा साकार हो। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने इस निर्यात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।






