Bihar News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना के हार्डिंग पार्क में नए रेलवे टर्मिनल भवन का ऑनलाइन शिलान्यास किया था, जिसके साथ ही निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यह परियोजना पटना जंक्शन की भीड़ को कम करने और यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएँ प्रदान करने के लिए शुरू की गई है।
दो चरणों में पूरा होने वाला यह टर्मिनल ट्रेनों की परिचालन क्षमता बढ़ाएगा, रोजगार के अवसर पैदा करेगा, और भविष्य में मेट्रो से जोड़ा जाएगा। पहले चरण का निर्माण दिसंबर 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिस पर ₹95 करोड़ की लागत आएगी। हार्डिंग पार्क टर्मिनल का निर्माण दो फेज में होगा। पहले फेज में पाँच प्लेटफॉर्म और पाँच लाइनें बनेंगी, जो मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन को सुगम बनाएँगी।
टर्मिनल पर यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएँ मिलेंगी, जैसे स्वच्छ वातानुकूलित प्रतीक्षालय, एस्केलेटर, लिफ्ट, फूड कोर्ट, और डिजिटल सूचना बोर्ड इत्यादि। यात्री प्लेटफॉर्म से सीधे सबवे के माध्यम से मल्टी-मॉडल हब तक पहुँच सकेंगे, जहाँ बस, ऑटो, और टैक्सी सेवाएँ उपलब्ध होंगी। सभी प्लेटफॉर्म अंडरग्राउंड कनेक्टिविटी से जुड़े होंगे, जिससे यात्रियों को बारिश या धूप में परेशानी न हो।
यह टर्मिनल पटना जंक्शन पर बढ़ती भीड़ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वर्तमान में पटना जंक्शन पर 10 प्लेटफॉर्म हैं, जो रोजाना 100 से अधिक ट्रेनों का संचालन करते हैं। नया टर्मिनल बनने से ट्रेनों की आवाजाही बढ़ेगी, और देरी की समस्या कम होगी। भविष्य में इसे पटना मेट्रो से जोड़ने की योजना है, जिससे शहर की कनेक्टिविटी और भी मजबूत होगी। पहले चरण में चारदीवारी और बुनियादी ढाँचा तैयार होगा, इसके बाद टर्मिनल का मुख्य निर्माण शुरू होगा।
यह परियोजना बिहार में रेलवे के आधुनिकीकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। निर्माण के दौरान सैकड़ों स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, और टर्मिनल शुरू होने पर टूरिज्म और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। हार्डिंग पार्क की रणनीतिक स्थिति इसे यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाती है, क्योंकि यह शहर के केंद्रीय हिस्से में है।
रेलवे ने पर्यावरण संरक्षण के लिए टर्मिनल में सोलर पैनल और रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की भी योजना बनाई है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे निर्माण कार्य के दौरान हार्डिंग पार्क क्षेत्र में यातायात जाँच लें, क्योंकि चारदीवारी और बुनियादी निर्माण से कुछ रास्ते प्रभावित हो सकते हैं। यह टर्मिनल पटना को एक आधुनिक रेलवे हब के रूप में स्थापित करेगा, जो बिहार की राजधानी को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का काम करेगा।






