PATNA: बिहार सरकार का खजाना खाली हो गया है। इसके बाद सरकार ने निर्णय लिया था कि 10 मार्च 2026 तक ट्रेज़री से सिर्फ वेतन, पेंशन और मानदेय की राशि का ही भुगतान होगा । इस संबंध में वित्त विभाग ने पत्र जारी किया था।
वित्त विभाग के विशेष सचिव ने 27 फरवरी को सभी विभागों के प्रधान सचिव, कमिश्नर, जिलाधिकारी और ट्रेजरी ऑफीसरों को पत्र लिखकर निर्देश दिया था कि 10 मार्च तक योजना मद के बिल की जांच और भुगतान की कार्रवाई नहीं करें। इस अवधि में वेतन, पेंशन और मानदेय भुगतान विपत्र की जांच कर आगे की कार्रवाई करें। जैसे ही यह खबर सामने आई तो हड़कंप मच गया।
वित्त विभाग का पत्र सामने आने के बाद नीतीश सरकार की भारी फजीहत हुई। यह मैसेज गया कि सरकार के खजाने में पैसा नहीं लिहाजा योजना मद की राशि पर रोक लगाई गई है । पूरे बिहार में सरकार की भद्द पिटने के बाद आज शनिवार को उस पत्र को वापस ले लिया गया है। वित्त विभाग के विशेष सचिव मुकेश कुमार लाल ने अपने ही आदेश को रद्द कर दिया है। 27 फरवरी के आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है और इसकी सूचना सभी अधिकारियों को दी गई है।






