Bihar News: बिहार में प्रस्तावित एजुकेशन सिटी को लेकर सरकार ने तेजी दिखाते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस और शेयर्ड कैंपस मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
राज्य मंत्रिमंडल से 16 दिसंबर 2025 को मंजूरी मिलने के करीब साढ़े तीन महीने बाद अब इस योजना पर काम तेज हो गया है। शिक्षा विभाग के अनुसार, एजुकेशन सिटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसके लिए जापान और सिंगापुर के कंसल्टेंट्स से भी सलाह ली जा रही है। अगले दो महीनों में इसका विस्तृत इंटरनेशनल मॉडल सामने आने की संभावना है।
यह एजुकेशन सिटी 250 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित की जाएगी, जहां अलग-अलग यूनिवर्सिटी और कॉलेज अपनी पहचान बनाए रखते हुए बुनियादी सुविधाओं को साझा करेंगे। पटना के आसपास इसे स्थापित करने की योजना है। यहां स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, अत्याधुनिक लैब और रिसर्च सेंटर जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सरकार का लक्ष्य इस परिसर को वर्ल्ड क्लास एजुकेशन और इनोवेशन हब बनाना है, जिससे न केवल उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इस परियोजना के लिए करीब 547 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो आगे बढ़ भी सकता है।
एजुकेशन सिटी में छात्रों को क्वालिटी हायर एजुकेशन, मॉडर्न लाइब्रेरी, हाईटेक लैब, सेमिनार हॉल, हॉस्टल, स्पोर्ट्स स्टेडियम, इंडोर स्टेडियम, ऑडिटोरियम और गेस्ट हाउस जैसी सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही फैकल्टी और स्टाफ के लिए आवासीय परिसर भी बनाए जाएंगे।
शेयर्ड कैंपस मॉडल के तहत एक ही परिसर में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होने से समय और संसाधनों की बचत होगी। इससे एक मजबूत एजुकेशन-रिसर्च इकोसिस्टम तैयार होगा, जमीन का बेहतर उपयोग होगा और इंडस्ट्री कनेक्शन, रिसर्च व को-करिकुलर गतिविधियों के नए अवसर भी मिलेंगे। इस पहल से बिहार शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा रहा है।



