Patna News : बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला की जिंदा जलकर मौत हो गई। घटना पटना के करबिगहिया स्थित जक्कनपुर थाना क्षेत्र की है, जहां एक तीन मंजिला मकान के ऊपरी तल पर आग लग गई। आग की चपेट में आने से मालती देवी (65) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्राथमिक जांच में मच्छर भगाने वाली कॉइल से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, घर के मुखिया बलिराम चौधरी पॉलिटेक्निक में इंस्ट्रक्टर पद से सेवानिवृत्त हैं। वे अपने परिवार के साथ करबिगहिया मुख्य मार्ग स्थित तीन मंजिला मकान के ऊपरी तल पर रहते हैं। उनकी पत्नी मालती देवी को वर्ष 2022 में पैरालाइसिस हुआ था, जिसके कारण वे चल-फिर नहीं सकती थीं। उन्हें बालकनी से सटे कमरे में चौकी पर रखा जाता था, ताकि हवा और रोशनी मिलती रहे।
शुक्रवार शाम करीब सात बजे घर में अचानक आग लग गई। उस समय मालती देवी चौकी पर सो रही थीं। बताया जा रहा है कि कमरे में मच्छरों से बचाव के लिए कॉइल जलाई गई थी। आशंका है कि कॉइल की चिंगारी से बिस्तर में आग भड़क गई। चूंकि महिला पक्षाघात से पीड़ित थीं और तेज आवाज में बोल भी नहीं पाती थीं, इसलिए वे मदद के लिए पुकार नहीं सकीं। देखते ही देखते आग ने बिस्तर और आसपास के सामान को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना के समय उनके छोटे बेटे रवि शंकर चौधरी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ बाजार खरीदारी करने गए थे। वहीं, पति बलिराम चौधरी घर के पिछले कमरे में टीवी देख रहे थे। उन्हें भी शुरुआत में आग लगने की भनक नहीं लगी। जब बालकनी से आग की लपटें उठती दिखीं, तब सड़क के दूसरी ओर रहने वाले समाजसेवी अजय शर्मा और पड़ोसी पप्पू ने तुरंत स्थिति को भांपा। दोनों बिना देर किए तीसरी मंजिल पर पहुंचे और बाल्टी से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की।
जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक मालती देवी बुरी तरह झुलस चुकी थीं। पड़ोसियों की तत्परता से आग को फैलने से रोक लिया गया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। मौके पर जक्कनपुर थाने की पुलिस पहुंची और दमकल की पांच गाड़ियों को बुलाया गया। दमकलकर्मियों ने आग पूरी तरह बुझाई और स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला हादसा प्रतीत हो रहा है। हालांकि, आग लगने के सटीक कारणों की पुष्टि के लिए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम को बुलाया गया है। टीम ने मौके से नमूने एकत्र किए हैं, जिनकी जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
मृतका के बड़े बेटे राजेश कुमार ने बताया कि उनकी मां की तबीयत लंबे समय से खराब थी। वे न तो ठीक से चल पाती थीं और न ही तेज आवाज में बोल पाती थीं। घर में मच्छर ज्यादा होने के कारण कॉइल जलाई जाती थी। परिवार को अंदेशा है कि उसी से यह हादसा हुआ। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पड़ोसी और स्थानीय लोग परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।
यह हादसा एक बार फिर घरों में मच्छर भगाने वाले साधनों के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की जरूरत को उजागर करता है। विशेषकर बुजुर्ग और असहाय लोगों के कमरे में ऐसी वस्तुओं का प्रयोग करते समय अतिरिक्त सतर्कता आवश्यक है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।






