PATNA: साल 2025 के आखिरी दिन बिहार पुलिस ने दावा किया है कि इस साल उसने अपराधियों की लगाम कस दी. लिहाजा 2024 की तुलना में 2025 में आपराधिक घटनायें बेहद कम हो गयी. दावा किया जा रहा है कि पिछले साल की तुलना में इस साल आपराधिक घटनाओं की संख्या लगभग आधी हो गयी.
पटना पुलिस ने जारी किये आंकड़े
पटना पुलिस ने साल 2024 और 2025 (जनवरी से नवंबर) तक के अपराध संबंधी आंकड़े सार्वजनिक करते हुए दावा किया है कि सख्त पुलिसिंग, तकनीकी निगरानी और त्वरित गति से कार्रवाई के चलते अपराध पर प्रभावी नियंत्रण किया गया है. पटना पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 2024 की तुलना में 2025 में कुल अपराधिक घटनाओं में 8.3 प्रतिशत की कमी हुई है, पुलिस प्रशासन ने गंभीर और जघन्य अपराधों में भारी गिरावट का दावा करते हुए इसे अपनी बड़ी उपलब्धि करार दिया है.
हत्या, डकैती और लूट में बड़ी गिरावट
पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 2024 की तुलना में 2025 में हत्या के मामलों में 34.8 प्रतिशत की कमी आई है. वहीं, डकैती की घटनाओं में 52.9 प्रतिशत और लूट की घटनाओं में 45.4 प्रतिशत की गिरावट हुई है. इसके अलावा, अपहरण के मामलों में 53.6 प्रतिशत, गृहभेदन में 28.7 प्रतिशत, सामान्य चोरी में 22.7 प्रतिशत और वाहन चोरी में 14.1 प्रतिशत की कमी हुई है..
दंगों और महिला अपराध में भी कमी
सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर भी पुलिस ने राहत भरी तस्वीर पेश की है. पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक बीते साल 2024 की तुलना में 2025 में सांप्रदायिक दंगों में 75 प्रतिशत की कमी आयी है. वहीं, सामान्य दंगों में 62.5 प्रतिशत की कमी आई है. पुलिस ने दावा किया है कि 2024 की तुलना में 2025न में महिला अपराध के मामले में भी काफी कमी आयी है. पुलिस का दावा है कि बलात्कार के मामलों में 53.3 प्रतिशत की गिरावट हुई है, जो कानून-व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
आर्म्स एक्ट के मामलों में बढ़ोतरी
हालांकि, पुलिस आंकड़ों में एक चिंता की बात भी सामने आई है. आर्म्स एक्ट के मामलों में 38.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. पुलिस का कहना है कि यह बढ़ोतरी अपराध में इजाफा नहीं, बल्कि अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियानों का परिणाम है.
9,964 अभियुक्त गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद
पटना पुलिस ने बताया कि जनवरी से नवंबर 2025 तक गंभीर अपराधों में कुल 9,964 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही बड़ी मात्रा में हथियारों की बरामदगी भी की गई है. पुलिस ने 360 देसी कट्टा, 141 देसी पिस्टल, 5 रिवॉल्वर और 1 AK-47 रायफल के साथ साथ 3,831 कारतूस बरामद किया.
पुलिस का दावा है कि सघन गश्त, तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी नेटवर्क, अपराध विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई की वजह से अपराधियों पर दबाव बना है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सख्त कार्रवाई का असर अब साफ तौर पर दिख रहा है और अपराधियों में कानून का डर बढ़ा है. पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि आने वाले समय में भी इसी तरह अभियान जारी रहेंगे, ताकि राजधानी में कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके और आम लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सके.





