BEGUSARAI: पीएम मोदी और उनकी मां को लेकर कांग्रेस की ओर से की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का विरोध शुक्रवार को खूब हुआ। पटना स्थित कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम के बाहर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। जो हिंसक रूप ले लिया कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जमकर झड़प हुई। जमकर लाठी-डंडे चले और पत्थरबाजी की गयी। इस दौरान कई लोग घायल हो गये। इस घटना ने बिहार की राजनीति माहौल को और गरमा कर रख दिया।
बीजेपी और कांग्रेस के लोग एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे। बीजेपी के नेताओं का आरोप था कि कांग्रेस कार्यालय से उनके ऊपर ईंट-पत्थर फेंके गए, जबकि कांग्रेस के नेताओं का कहना था कि भाजपा कार्यकर्ता जबरन सदाकत आश्रम में घुस आए और हिंसा करने की कोशिश की। पटना की घटना के बाद आज शनिवार को बेगूसराय में भी कांग्रेस कार्यालय के मुख्य गेट के सामने बीजेपी ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सार्वजनिक तौर पर पीएम मोदी से माफी मांगने की मांग की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता जी को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी, बेगूसराय जिला इकाई के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिला कांग्रेस कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की और आपत्तिजनक बयान के लिए सार्वजनिक माफी की मांग की। प्रदर्शन के दौरान स्थिति और रोचक हो गई जब कांग्रेस कार्यालय से बाहर निकलकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी प्रतिरोध दर्ज कराया। कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में पार्टी का झंडा लेकर भाजपा के नारेबाजी का जवाब दे रहे थे। देखते ही देखते कांग्रेस कार्यालय के बाहर दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने खड़े होकर एक-दूसरे को प्रतिरोध जता रहे थे।
भाजपा नेताओं का कहना था कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर अभद्र टिप्पणी लोकतंत्र की मर्यादाओं के खिलाफ है और कांग्रेस को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। वहीं कांग्रेस नेताओं ने भाजपा के इस प्रदर्शन को राजनीतिक नौटंकी करार देते हुए पलटवार किया।कांग्रेस कार्यालय के बाहर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं की आमने-सामने की नारेबाजी को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर पुलिस बल की तैनाती कर दी। हालांकि स्थिति तनावपूर्ण रही, लेकिन पुलिस ने दोनों पक्ष के लोगों को काफी मशक्कत के बाद शांत कराया। जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। पुलिस की तत्परता से पटना वाली घटना की पुनरावृत्ति बेगूसराय में होने से बच गई।





