Bihar News: उसने गोवर्धना पुलिस थाने को डायनामाइट से उड़ाने वाली 22 सालों से फरार चल रही नक्सली मीनाक्षी को बिहार एसटीएफ और पश्चिम चंपारण जिले के गोबरहिया थाने की पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए लौकरिया थाना क्षेत्र के सुंदरपुर गांव से गिरफ्तार कर लिया। नक्सली मीनाक्षी पर आरोप है कि उसने गोवर्धना पुलिस थाने को डायनामाइट से उड़ा दिया था। उसके खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट भी दायर की थी, लेकिन वह पुलिस की पकड़ से लगातार फरार चल रही थी।
जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली कि गोवर्धन थाना क्षेत्र के चंपापुर गांव की निवासी नक्सली मीनाक्षी, अपने मायके लौकरिया थाना के सुंदरपुर गांव में रह रही थी। इसके बाद एसटीएफ, गोबरहिया एवं लौकरिया थाने की पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया और उसे सुंदरपुर से गिरफ्तार किया। गोबरहिया थानाध्यक्ष रामानंद प्रसाद ने गुरुवार को बताया कि मीनाक्षी के खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी किया गया था। इसके अलावा, पुलिस द्वारा कुर्की जब्ती और इश्तेहार भी जारी किया गया था।
गौरतलब है कि मई 2003 में नक्सलियों ने गोवर्धन थाना को डायनामाइट से उड़ा दिया था। इस मामले में 27 नक्सलियों पर एफआईआर दर्ज हुई थी। मीनाक्षी इस केस की आरोपी है और पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। इसके अलावा, गिरफ्तार मीनाक्षी के खिलाफ लौकरिया थाना में 22 मार्च 2005 को भी एक मामला दर्ज था, जिसमें पुलिस ने 2007 में आरोप पत्र दाखिल किया था, लेकिन वह अब तक फरार रही।
एसटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक, मीनाक्षी की गिरफ्तारी से नक्सली संगठन को एक बड़ा झटका लगा है। मीनाक्षी संगठन की एक महत्वपूर्ण सदस्य थी, जो कई वर्षों से पुलिस के पकड़ से बाहर थी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि मीनाक्षी की गिरफ्तारी से नक्सल गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एक और आरोपी का पता चल सकता है, जो पुलिस की पकड़ में आ सकता है। गिरफ्तारी के बाद मीनाक्षी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के बाद मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है, ताकि नक्सली संगठन के अन्य सदस्यों को पकड़ने में मदद मिल सके।





