Bihar News: नैनीताल के पीलीभीत जिले के मझोला क्षेत्र में काम करने गए मजदूर रमेश मांझी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद बेतिया में हालात तनावपूर्ण हो गए। जब रमेश का शव बेतिया लाया गया, तो परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
आक्रोशित लोगों ने बेतिया–पटजिरवा मुख्य मार्ग पर शव को बीच सड़क पर रखकर आगजनी की और जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। परिजनों का आरोप है कि रमेश मांझी के साथ काम करने गए दो अन्य मजदूर—धर्मेंद्र मांझी और अरुण मांझी—अब भी पीलीभीत में बंधक बनाए गए हैं।
उनका कहना है कि तीनों मजदूरों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, जिसके चलते रमेश की मौत हुई। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सदर-2 के एसडीपीओ रजनीकांत प्रियदर्शी भी घटनास्थल पर पहुंचे।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाया और आश्वासन दिया। काफी मशक्कत के बाद प्रदर्शन समाप्त कराया गया और बेतिया–पटजिरवा मुख्य मार्ग पर यातायात को सुचारू रूप से बहाल कराया गया। हालांकि, परिजन अब भी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, कथित रूप से बंधक बनाए गए मजदूरों की सुरक्षित रिहाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग पर अड़े हुए हैं। प्रशासन की ओर से मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
बेतिया से संतोष कुमार की रिपोर्ट





