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Bihar News: बिहार में डायरिया से दो बच्चियों की मौत, जलजमाव और गंदगी बनी बड़ी वजह

Bihar News: मानसून के साथ ही बीमारियों कहर भी शुरू हो जाता है। बारिश के वजह से जलजमाव होता है, जिससे कई खतरनाक बीमारियां उत्पन होता है। है। ताजा मामला बिहार के नवादा जिले से सामने आई है, जहां डायरिया की चपेट में आने से दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई

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PRIYA DWIVEDI
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Bihar News: मानसून के साथ ही बीमारियों कहर भी शुरू हो जाता है। बारिश के वजह से जलजमाव होता है, जिससे कई खतरनाक बीमारियां उत्पन होता है। ताजा मामला बिहार के नवादा जिले से सामने आई है, जहां भारी बारिश के बाद जलजमाव और गंदगी के चलते डायरिया का प्रकोप फैलने लगा है। इसका सबसे दुखद उदाहरण नवादा नगर थाना क्षेत्र के बुधौल गांव के महादलित टोला में देखने को मिला, जहां डायरिया की चपेट में आने से दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई है। 


मृत बच्चियों की पहचान 8 वर्षीय क्रांति कुमारी और 9 वर्षीय तनु कुमारी के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल है। परिवार वालों का कहना है कि बच्चियों को अचानक दस्त और उल्टी शुरू हुई, लेकिन समय रहते समुचित इलाज नहीं मिल सका। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन को पहले ही जलभराव और गंदगी के बारे में सूचित किया गया था, लेकिन समय पर कोई कदम नहीं उठाया गया। परिणामस्वरूप हालात और बिगड़ते चले गए और दो मासूमों की जान चली गई।


घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक मेडिकल टीम गठित कर गांव में तत्काल चिकित्सा शिविर लगाया गया। जहां कई बीमार लोगों का प्राथमिक इलाज किया जा रहा है। कुछ गंभीर मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर भी किया गया है। बीमार लोगों की संख्या 12 से अधिक बताई जा रही है, जिनमें अधिकांश बच्चे और बुजुर्ग हैं।


बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए प्रशासन ने पूरे टोले में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव शुरू किया है, साथ ही पीने के पानी की टंकियों की सफाई करवाई जा रही है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक बच्चियों की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, और मामले की जांच जारी है।


नवादा डीएम और सिविल सर्जन ने संयुक्त रूप से बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था में तेजी लाई जा रही है और सफाई अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे उबला हुआ या फिल्टर्ड पानी ही पीएं, और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति और नियमित स्वास्थ्य जांच की मांग की है। 

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रिपोर्टर / लेखक

PRIYA DWIVEDI

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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