ब्रेकिंग
पटना जंक्शन का बदलेगा स्वरूप, 6 हजार वाहनों की स्मार्ट पार्किंग की होगी व्यवस्था; मास्टर प्लान तैयार‘हम क्या बने हैं.. क्या नहीं, ई सब कुछ जानबे नहीं करते है’, पर्यावरण संरक्षण समिति का सदस्य बनाएं जाने पर बोले अनंत सिंह2025 बैच के 11 IAS अधिकारियों की जिलों में तैनाती, सहायक समाहर्ता और सहायक दंडाधिकारी बनाए गए जन सुराज को फिर से खड़ा करने में जुटे प्रशांत किशोर, 15 नए प्रदेश महासचिव की लिस्ट जारी करप्शन किंग SDPO को हटाया गया: PHQ ने वापस बुलाया, EOU की रेड में करीब 80 करोड़ की संपत्ति का खुलासापटना जंक्शन का बदलेगा स्वरूप, 6 हजार वाहनों की स्मार्ट पार्किंग की होगी व्यवस्था; मास्टर प्लान तैयार‘हम क्या बने हैं.. क्या नहीं, ई सब कुछ जानबे नहीं करते है’, पर्यावरण संरक्षण समिति का सदस्य बनाएं जाने पर बोले अनंत सिंह2025 बैच के 11 IAS अधिकारियों की जिलों में तैनाती, सहायक समाहर्ता और सहायक दंडाधिकारी बनाए गए जन सुराज को फिर से खड़ा करने में जुटे प्रशांत किशोर, 15 नए प्रदेश महासचिव की लिस्ट जारी करप्शन किंग SDPO को हटाया गया: PHQ ने वापस बुलाया, EOU की रेड में करीब 80 करोड़ की संपत्ति का खुलासा

नालंदा सदर अस्पताल में प्रसव पीड़ा से छटपटाती रही महिला, बेड नहीं मिलने पर बाहर ही बच्चे को दिया जन्म

NALANDA :नालन्दा जिले के बिहारशरीफ़ सदर अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही देखने को मिली है। हॉस्पिटल परिसर में प्रसव पीड़ा से महिला छटपटाती रही लेकिन महिला को काफी देर बाद

नालंदा सदर अस्पताल में प्रसव पीड़ा से छटपटाती रही महिला, बेड नहीं मिलने पर बाहर ही बच्चे को दिया जन्म
Anurag Goel
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

NALANDA :नालन्दा जिले के बिहारशरीफ़ सदर अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही देखने को मिली है। हॉस्पिटल परिसर में प्रसव पीड़ा से महिला छटपटाती रही लेकिन महिला को काफी देर बाद तक भर्ती नहीं किया गया । बेड नहीं मिलने पर महिला ने बाहर खुले में ही बच्चे को जन्म दिया। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मी कोरोना का बहाना बना कर महिला को भर्ती करने से बचते रहे।


नूरसराय प्रखंड के मेंयार गांव निवासी धारो यादव के पत्नी गौरी यादव को प्रसव के लिए उसके भतीजे बबलू कुमार ने स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया था। जिसके बाद उसे सदर अस्पताल बिहारशरीफ रेफर कर दिया गया।सदर अस्पताल पहुंचने के बाद वहां के मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को भर्ती कराना मुनासिब नहीं समझा। उसे तड़पने के लिए बाहर ही छोड़ दिया।


काफी देर तक महिला के परिजन भर्ती किए जाने की आस लिए अस्पताल के बाहरी परिसर में बैठे रहें लेकिन हॉस्पिटल के कर्मियों का दिल नहीं पसीजा। अंत में प्रसव पीड़ से तड़प रही महिला ने महिला ने बच्चे को खुले में ही जन्म दिया।


इधर जानकारी मिलने के बाद मीडिया की पहल पर स्वास्थ्य कर्मियों ने बाहर में प्रसव के बाद उसे अस्पताल के अंदर ले जाकर बेड मुहैया कराया गया। परिजनों ने बताया कि कोरोना का बहाना बना अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को तड़पता छोड़ दे रहे हैं। 

टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Anurag Goel

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें