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घूसखोरी मामले में उप सरपंच गणेश साव दोषी करार: एक साल का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा

नालंदा के पचौरी पंचायत के उप सरपंच गणेश साव को घूस मांगने के मामले में निगरानी कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए एक साल सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वर्ष 2025 में यह निगरानी कोर्ट का 24वां भ्रष्टाचार केस में फैसला है।

बिहार
विजिलेंस कोर्ट का फैसला
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
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PATNA: भ्रष्टाचार के एक मामले में नालंदा के बिहारशरीफ के पचौरी पंचायत के उप सरपंच गणेश साव को निगरानी कोर्ट ने दोषी ठहराया है। निगरानी कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस मोहम्मद रूस्तम ने फैसला सुनाते हुए गणेश साव को एक साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। 


वही 10 हजार रूपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास होगा। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी। बता दें कि अब तक 2025 में कुल 24 भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों में निगरानी कोर्ट ने सजा सुनाई है। ये सभी दोषसिद्ध की कार्रवाई न्यायाधीश मोहम्मद रूस्तम की कोर्ट ने सुनाई है। 


उप सरपंच गणेश साव पर चेक पर हस्ताक्षर करने के एवज में तीन हजार रूपये घूस मांगने का आरोप था। मामला 22 जनवरी 2011 का था।  इस मामले में तत्कालीन आईओ पुलिस निरीक्षक अक्षय कुमार मिश्रा ने समय पर आरोप पत्र दायर किया। जिसके बाद बिहार सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक विजय भानु ने प्रभावी तरीके से पैरवी की और आरोपी गणेश साव को दोष सिद्ध कराने में सफलता हासिल की।

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Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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