Bihar News: मुजफ्फरपुर शहर में यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक बार फिर बड़ा अभियान चलाया है। शुक्रवार को डीएम आवास से लेकर प्रधान डाकघर तक की मुख्य सड़क पर प्रशासन का 'बुलडोजर' जमकर गरजा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर अवैध रूप से बनी दर्जनों दुकानों और ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया।
यह पूरी कार्रवाई मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन के मजिस्ट्रेट रामनाथ कुमार की सीधी निगरानी में संपन्न हुई। अभियान की शुरुआत डीएम आवास के समीप से हुई, जहाँ सड़क किनारे फुटपाथों और नालों के ऊपर किए गए अवैध निर्माणों को हटाना शुरू किया गया। देखते ही देखते बुलडोजर ने प्रधान डाकघर तक के पूरे इलाके को साफ कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी प्रकार के विरोध या हंगामे की स्थिति से निपटा जा सके।
अतिक्रमण हटाओ अभियान की तपिश केवल बाहरी सड़कों तक सीमित नहीं रही। प्रशासन की टीम मुजफ्फरपुर समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) के मुख्य गेट के भीतर भी दाखिल हुई। यहाँ परिसर के अंदर अवैध रूप से संचालित की जा रही कई दुकानों और गुमटियों को हटाया गया। मजिस्ट्रेट रामनाथ कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकारी परिसरों और मुख्य मार्गों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अचानक हुई इस बड़ी कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मच गया। कई दुकानदार अपना सामान समेटते नजर आए, तो कई दुकानों को बुलडोजर ने पूरी तरह नष्ट कर दिया। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद लोग सड़कों पर अतिक्रमण कर लेते हैं, जिससे शहर में जाम की समस्या विकराल हो जाती है।
मजिस्ट्रेट रामनाथ कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य शहर को जाम मुक्त बनाना और पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ खाली कराना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अतिक्रमणकारी दोबारा उसी जगह पर कब्जा करते हैं, तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।




