KATIHAR: कटिहार पुलिस की कार्यशैली पर एक ऐसा सवाल खड़ा हुआ है, जिसने सबको चौंका दिया है। मामला सहायक थाना का है। दरअसल बिहार विधानसभा चुनाव-2025 के दौरान शहर के लोहियानगर निवासी चंद्रशेखर सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल सुरक्षा के लिहाज़ से थाने में जमा कराई थी। लेकिन, जब चुनाव ख़त्म होने के बाद वे अपनी अमानत वापस लेने पहुँचे, तो पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। जवाब मिला कि "पिस्टल तो थाने से गायब है!"
इस घोर लापरवाही को देखते हुए कटिहार के पुलिस अधीक्षक (SP) ने कड़ा रुख अपनाया है। सहायक थाना में कांड संख्या 1251/25 दर्ज किया गया है। स्पष्टीकरण संतोषजनक न मिलने पर थानाध्यक्ष (SHO) आनंद कुमार को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त (Remove) कर दिया गया है। SHO समेत दो अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
कहते हैं कानून के हाथ लम्बे होते हैं, लेकिन जब कानून के घर (थाने) से ही हथियार गायब होने लगें, तो सवाल उठना लाज़िमी है। फिलहाल, आनंद कुमार पर गाज गिर चुकी है और विभाग अपनी साख बचाने की कवायद में जुटा है।





