Bihar News: बिहार के कटिहार से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां अब सोशल मीडिया पर ‘रील’ बनाना सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह दहशत फैलाने और खुद को ‘डॉन’ दिखाने का नया जरिया बनता जा रहा है।
ताजा मामला नगर थाना क्षेत्र के अमला टोला का है, जहां एक युवक का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में युवक खुलेआम हाथ में पिस्टल लिए नजर आ रहा है। इतना ही नहीं, उसके दूसरे हाथ में फायरिंग के बाद बचे खोखे भी दिखाई दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहा युवक शिवम कुमार राजपूत है। रील का अंदाज ऐसा है, जिसमें वह खुद को किसी बड़े गैंगस्टर की तरह पेश कर रहा है। बैकग्राउंड में तेज संगीत और उसके हाव-भाव साफ तौर पर यह संकेत दे रहे हैं कि यह सिर्फ दिखावा नहीं, बल्कि इलाके में खौफ पैदा करने की कोशिश है।
रील के बहाने बढ़ता ‘भौकाल’
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब युवाओं में सोशल मीडिया पर ‘भौकाल’ दिखाने की होड़ मच गई है। पहले जहां लोग अपने हुनर या मनोरंजन के लिए वीडियो बनाते थे, वहीं अब कुछ लोग हथियारों के साथ वीडियो बनाकर खुद को बड़ा अपराधी साबित करने में लगे हैं।
जानकारों का मानना है कि इस तरह के वीडियो सिर्फ दिखावे के लिए नहीं होते, बल्कि इनके जरिए इलाके में दहशत फैलाकर फिरौती वसूली और गैंग मजबूत करने की कोशिश भी की जाती है।
पहले से आपराधिक इतिहास
सूत्रों के मुताबिक, शिवम कुमार राजपूत का नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। बताया जा रहा है कि कुछ साल पहले उसके पिता पप्पू सिंह की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से ही शिवम का झुकाव अपराध की ओर बढ़ गया। अब वह सोशल मीडिया के जरिए अपनी ‘छवि’ बनाने और इलाके में दबदबा कायम करने की कोशिश कर रहा है।
सरेआम फायरिंग बना ‘ट्रेंड’?
सबसे चिंता की बात यह है कि इस तरह के वीडियो में खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन और फायरिंग को सामान्य दिखाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े फायरिंग करना अब कुछ युवाओं के लिए ‘दिवाली के पटाखे’ जैसा हो गया है।
पुलिस पर उठ रहे सवाल
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर पुलिस क्या कर रही है? जब सोशल मीडिया पर खुलेआम हथियारों के साथ वीडियो वायरल हो रहे हैं, तो क्या प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है? लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस तरह के मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
सोशल मीडिया बना नया ‘अपराध मंच’
एक समय था जब सोशल मीडिया मनोरंजन और जानकारी का माध्यम था, लेकिन अब कुछ लोग इसका इस्तेमाल गलत तरीके से कर रहे हैं। ‘रील’ के जरिए खुद को गैंगस्टर दिखाना और दहशत फैलाना एक नया ट्रेंड बनता जा रहा है।






