JAMUI: बिहार के जमुई जिले में पश्चिम बंगाल के एक स्क्रैप कारोबारी के अपहरण का मामला किसी थ्रिलर फिल्म की पटकथा जैसा सामने आया है। लेन-देन के बहाने बुलाए गए कारोबारी को न सिर्फ अगवा किया गया, बल्कि नशे की दवा देकर तीन दिनों तक अलग-अलग जिलों में घुमाया गया। आखिरकार जमुई पुलिस ने ‘फिल्मी हीरो’की तरह कार्रवाई करते हुए कारोबारी को सकुशल बरामद कर लिया और दोनों अपहर्ता को गिरफ्तार कर बड़ी घटना को टाल दिया।
जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल के लिलुआ निवासी स्क्रैप कारोबारी धर्मेंद्र कुमार महतो (37) को 6 फरवरी को पैसों के लेन-देन के बहाने बिहार के बख्तियारपुर बुलाया गया था। कारोबारी को भरोसे में लेकर बुलाने के बाद अपराधियों ने अपने जाल में फंसाया और मौके से अपहरण कर लिया। इसके बाद उन्हें नशे की दवा खिलाकर बेहोशी की हालत में रखा गया, ताकि वे विरोध न कर सकें।
जमुई के एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि अपहरणकर्ता सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में कारोबारी को बैठाकर बख्तियारपुर, मोकामा, देवघर और जमुई समेत कई इलाकों में घूमते रहे। अपराधियों की मंशा कारोबारी से मोटी रकम की उगाही करने की थी और वे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
मामले की सूचना मिलते ही जमुई एसपी विश्वजीत दयाल के निर्देश पर लक्ष्मीपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विशेष टीम का गठन किया। थानाध्यक्ष के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने कारोबारी को सुरक्षित मुक्त करा लिया।
इस मामले में पुलिस ने दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में नीतीश कुमार उर्फ बिट्टू (पिता चंद्रभूषण सिंह), ग्राम पेंधी, थाना बरहट और सोनू कुमार तांती उर्फ रेड्डी (पिता स्व. सुनील तांती), ग्राम दाबिल, थाना खैरा, जिला जमुई शामिल हैं। पुलिस ने कांड में प्रयुक्त सफेद स्कॉर्पियो वाहन को भी जब्त कर लिया है। तलाशी के दौरान वाहन से नशे की दवाइयां भी बरामद हुई हैं।
एसडीपीओ ने बताया कि इस अपहरण कांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और पकड़े गए आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम में जमुई पुलिस की त्वरित, साहसिक और सटीक कार्रवाई से न केवल एक कारोबारी की जान बची, बल्कि एक बड़ी आपराधिक साजिश भी नाकाम हो गई।






