Bihar News: जमुई जिले के बरहट प्रखंड स्थित कुकुरझाप डैम में शनिवार सुबह एक विशाल मगरमच्छ दिखने से स्थानीय लोगों और मछली पालन से जुड़े कर्मियों में दहशत फैल गई। पानी की सतह पर अचानक मगरमच्छ के दिखने से डैम परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
धूप सेकते दिखाई दिया मगरमच्छ
मछली पालन कार्य में लगे संवेदक के कर्मचारियों ने सुबह धूप निकलने के बाद मगरमच्छ को डैम के किनारे सूखी जमीन पर धूप सेंकते देखा। जैसे ही कर्मचारी नाव से नजदीक पहुंचे, मगरमच्छ धीरे-धीरे वापस डैम के गहरे पानी में उतर गया।
4–5 फीट लंबा और 40 साल पुराना
स्थानीय निवासी दीपक कुमार के अनुसार मगरमच्छ की लंबाई लगभग 4 से 5 फीट है और इसकी उम्र करीब 40 वर्ष के आसपास मानी जा रही है। उनका कहना है कि यह मगरमच्छ कई दशक पहले छोटे आकार में पहली बार इसी डैम में देखा गया था और समय के साथ धीरे-धीरे बड़ा होता चला गया।
अब तक किसी पर हमला नहीं
स्थानीय लोगों ने बताया कि अब तक इस मगरमच्छ ने किसी इंसान या मवेशी पर हमला नहीं किया है। कुछ ग्रामीणों का तो यह तक कहना है कि यह "शाकाहारी" है क्योंकि मवेशियों के बार-बार डैम में जाने के बावजूद इसने कभी आक्रामक व्यवहार नहीं किया। डैम में नियमित रूप से मछली पालन भी जारी है, जिसके बावजूद किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
देखने उमड़ी भीड़
मगरमच्छ दिखने की खबर क्षेत्र में फैलते ही आसपास के गांवों से दर्जनों लोग कुकुरझाप डैम पर पहुंच गए। लोगों में उत्सुकता के साथ-साथ भय का माहौल भी देखा गया। ग्रामीणों के अनुसार यह मगरमच्छ हर 15–20 दिन में सूखे स्थान पर धूप सेंकने के लिए सतह पर आता है।



