Patna Traffic Update : राजधानी पटना को जाम मुक्त बनाने के लिए प्रशासन लगातार बड़े कदम उठा रहा है। इसी दिशा में अब शहर के सबसे व्यस्त ट्रैफिक पॉइंट में शामिल इनकम टैक्स गोलंबर का आकार छोटा करने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला मंदिरी नाला पर बन रही सड़क परियोजना के लगभग पूरा होने के मद्देनजर लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि नई सड़क चालू होने के बाद इनकम टैक्स गोलंबर और तारामंडल के सामने ट्रैफिक दबाव काफी बढ़ सकता है, जिससे जाम की स्थिति बन सकती है। इस संभावित समस्या को रोकने के लिए सड़क की चौड़ाई बढ़ाने और गोलंबर को छोटा करने की योजना तैयार की गई है।
मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंदिरी नाला और बाकरगंज नाला परियोजना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रमंडलीय आयुक्त सह बुडको (बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) के एमडी अनिमेष कुमार पराशर ने जानकारी दी कि मंदिरी नाले का लगभग पूरा कार्य समाप्त हो चुका है। केवल 40 मीटर का हिस्सा शेष है, जिसे इस महीने के अंत तक पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत मंदिरी नाला का व्यापक जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत नाले के ऊपर 1289 मीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 86.98 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यह सड़क एसपी वर्मा रोड, मीठापुर, गर्दनीबाग, बाबू बाजार, धोबीघाट, ईको पार्क, छज्जूबाग, एमएलए फ्लैट और सिंचाई भवन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ने का काम करेगी।
आयकर गोलंबर से बांसघाट तक 5.5 मीटर चौड़ी दो लेन सड़क बनाई जा रही है, जिसमें डिवाइडर की भी व्यवस्था होगी। इसके अलावा परियोजना में दो लेन के संपर्क पथ, स्लूइस गेट, डी-सिल्टिंग चैंबर, स्ट्रीट लाइटिंग और लैंडस्केपिंग जैसी सुविधाओं का भी प्रावधान रखा गया है।
इसी तरह बाकरगंज नाला परियोजना भी स्मार्ट सिटी फंड के तहत संचालित की जा रही है, जिसका कार्यान्वयन बुडको द्वारा किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 26.98 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके तहत नाले के जीर्णोद्धार के साथ-साथ सड़क निर्माण भी किया जा रहा है। इससे लालजी टोला, रेलवे कॉलोनी, पीरमुहानी मछली गली, सालिमपुर अहरा, राजेंद्रपथ, दलदली रोड, भंवर पोखर, अशोक राजपथ, बारी पथ, रामगुलाम चौक और गांधी मैदान क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
परियोजना पूरी होने के बाद वार्ड संख्या 21, 24, 25, 26 और 27 के निवासियों को गंदे नाले की बदबू से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही यातायात व्यवस्था में भी बड़ा सुधार होगा। नई सड़क बनने के बाद इनकम टैक्स गोलंबर से वाहन सीधे अशोक राजपथ की ओर जा सकेंगे, जिससे लोगों को डाकबंगला चौराहा होकर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रा समय भी घटेगा।
गौरतलब है कि इससे पहले पटना जंक्शन गोलंबर का भी आकार छोटा किया जा चुका है। वहां पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा को स्थानांतरित कर गोलंबर का आकार 40 मीटर से घटाकर 12 मीटर कर दिया गया था। साथ ही वहां तीन लेन की सड़क का निर्माण कराया गया, जिस पर करीब 1.71 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस बदलाव से जाम की समस्या में काफी सुधार देखने को मिला था।
अब प्रशासन राजधानी के अन्य प्रमुख गोलंबरों का भी अध्ययन कर रहा है। योजना है कि जहां-जहां जरूरत होगी, वहां गोलंबर का आकार छोटा कर यातायात को सुगम बनाया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से आने वाले समय में पटना शहर में ट्रैफिक व्यवस्था काफी बेहतर होगी और लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी।






