GAYAJEE: जम्मूतवी एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव करने वाले आरोपी को आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने घटना के आठ घंटे के भीतर अरेस्ट किया है। गया यार्ड में हुई इस घटना का खुलासा करते हुए आरपीएफ ने बताया कि पथराव का वायरल वीडियो और सूचना के आधार पर आरोपी तक टीम पहुंची और उसे मौके से गिफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को जेल भेज दिया गया है। अब आरोपी को अपनी गलती का एहसास हो गया है।
आरपीएफ ने बताया कि गया यार्ड के पास ट्रेन संख्या 13152 डाउन जम्मूतवी–कोलकाता एक्सप्रेस पर एक युवक को पथराव करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। ट्रेन पर पथराव के संबंध में इंचार्ज प्रधान आरक्षक बृज भूषण मिश्रा ने लिखित शिकायत की थी। दिये गये आवेदन के आधार पर गया आरपीएफ में रेलवे अधिनियम के तहत अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए गया आरपीएफ निरीक्षक प्रभारी बनारसी यादव, अपराध आसूचना शाखा (CIB) के निरीक्षक चंदन कुमार के नेतृत्व में एक जांच टीम बनाई गयी। जिसमें गया आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारियों और जवानों को शामिल किया गया। जिसके बाद टीम पूरे मामले की छानबीन में जुट गयी। वायरल वीडियो और सूचना के आधार पर टीम ने जांच को आगे बढ़ाया।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर छापेमारी की गयी लेकिन सफलता नहीं मिली। लेकिन इसके बावजूद जांच टीम आरोपी को पकड़ने में लगी रही। आखिरकार आरोपी मोहम्मद शफीक के 23 वर्षीय बेटे मोहम्मद आरिफ उर्फ अमन को टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी आरिफ गया जिले के चाकंद थाना क्षेत्र के उतरौत गांव का रहने वाला है। वह फिलहाल चंदौती थाना क्षेत्र में रह रहा था।
जब टीम ने उससे पूछताछ की तब आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। बताया कि चलती ट्रेन के अंदर से किसी यात्री ने कुछ ऐसा कहा कि वह गुस्से में आ गया और उसने एक नहीं कई बार ट्रेन पर पत्थर फेंका। उसे अपने इस व्यवहार पर पछतावा भी है। लेकिन अब पछताने से क्या होगा आरपीएफ और जीआरपी की टीम के हत्थे चढ़े इस शख्स को जेल भेज दिया गया है। महज आठ घंटे में जांच टीम ने मामले का खुलासा किया है। टीम का कहना है कि रेलवे की संपत्ति को जो नुकसान पहुंचाएगा या यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। इस खुलासे ने यह मैसेज देने का काम किया है कि गलत करने वालों का बुरा ही अंजाम होता है।
नितम राज की रिपोर्ट





