Chandan Mishra Murder Case: पटना स्थित पारस अस्पताल में हाल ही में सजायाफ्ता कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई हत्या के मामले में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। इस हत्याकांड के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए शूटर तौसीफ उर्फ बादशाह ने पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तौसीफ ने बताया कि हत्या से पहले चार बार पश्चिम बंगाल की पुरुलिया जेल में बंद कुख्यात अपराधी शेरू सिंह ने उससे और बलवंत नामक व्यक्ति से संपर्क किया था। हत्या से पहले की रात जमकर शराब पार्टी हुई थी और सारे शूटर्स पूरी रात जगे हुए थे।
जेल से मिल रही थी हर अपडेट
पुलिस के मुताबिक, शेरू सिंह जेल में बंद होने के बावजूद पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहा था और शूटरों से पल-पल की खबर ले रहा था। जब हत्या की तारीख तय हो गई, तब शूटरों ने उसे इसकी सूचना दी। वारदात को अंजाम देने के बाद, सभी शूटरों ने अपने मोबाइल बंद कर दिए ताकि उनका लोकेशन ट्रेस न किया जा सके।
हत्या से पहले की रात जमकर हुई पार्टी
हत्या के एक दिन पहले, सभी आरोपी एक साथ एकत्र हुए और पूरी रात पार्टी की। उन्होंने शराब पी और पूरी रात जागते रहे। सुबह होते ही सभी पारस अस्पताल के पास पहुंच गए, जहां पहले से योजनाबद्ध तरीके से चंदन मिश्रा की हत्या कर दी गई। तौसीफ ने पुलिस को बताया कि बलवंत ने सभी शूटरों को आर्थिक प्रलोभन दिया था और आश्वस्त किया था कि समय पर पूरी रकम मिल जाएगी।
नेपाल भागने की दी गई थी सलाह
पूछताछ में तौसीफ ने यह भी बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद शेरू ने सभी आरोपियों को बिहार के रास्ते नेपाल भाग जाने की सलाह दी थी। उसका मानना था कि दूसरे देश में जाकर शूटर पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहेंगे और इस तरह वह खुद इस मामले में बेदाग बना रहेगा। लेकिन एसटीएफ की तुरंत कार्रवाई के चलते यह योजना विफल हो गई और आरोपी पकड़े गए।
कोलकाता के गेस्ट हाउस में छिपे थे अपराधी
हत्या के बाद, शूटर पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित आनंदपुर इलाके के एक गेस्ट हाउस में जाकर छिपे। वहां उन्होंने किसी भी प्रकार का वैध पहचान पत्र नहीं दिया। उन्हें डर था कि अगर सही पहचान पत्र जमा किया गया, तो पुलिस उनका पता लगा सकती है। इसके बावजूद, गेस्ट हाउस ने उन्हें 24 घंटे से अधिक समय तक ठहरने दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वहां ठहरे चार अपराधियों और एक युवती ने किसी दूसरे व्यक्ति के नाम और पहचान पत्र का उपयोग किया था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि वह पहचान पत्र किस व्यक्ति का था और वह कौन है। साथ ही, उस गेस्ट हाउस पर पहले से ही मामला दर्ज है, और अब इसमें और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
हथियार सप्लाई में पटना से बाहर का तस्कर शामिल
जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। पुलिस को जानकारी मिली है कि हत्या में प्रयुक्त हथियार पटना के बाहर रहने वाले एक हथियार तस्कर ने शूटरों को उपलब्ध कराए थे। यह हथियार बलवंत के माध्यम से शूटरों तक पहुंचे। पुलिस अब उस तस्कर की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
जांच में बरामद हुई एक और बाइक
जांच के दौरान पुलिस को एक अतिरिक्त बाइक भी बरामद हुई है, जिस पर संदेह है कि अन्य तीन शूटर सवार थे। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि बाइक की पहचान और सत्यापन किया जा रहा है। इसके साथ ही, घटना में शामिल दो अन्य फरार शूटरों की भी तलाश तेज़ कर दी गई है।




