Bihar News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भव्य रैली के दौरान जहां एक ओर सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ का उत्साह चरम पर था, वहीं दूसरी ओर बिहार के उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने एक मिसाल कायम करते हुए जनसेवा और संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश की।
घटना उस वक्त की है जब रैली के चलत एक मुख्य मार्ग पर भारी जाम लग गया। इस जाम में एक एंबुलेंस, जो मरीज़ को लेकर अस्पताल जा रही थी, कई मिनटों तक फंसी रही। उसी रास्ते से बिहार सरकार के उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा का काफिला भी गुजर रहा था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मंत्री मिश्रा ने अपने काफिले को रोक दिया और खुद एंबुलेंस तक पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और ट्रैफिक स्टाफ को निर्देश दिए और अपनी मौजूदगी में सुनिश्चित किया कि एंबुलेंस को सुरक्षित और शीघ्र रास्ता मिल सके।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जहां लोग मंत्री के इस मानवीय कदम की जमकर सराहना कर रहे हैं। राजनीतिक हलकों से लेकर आम जनता तक, हर कोई इस पहल की तारीफ कर रहा है। बिहार जैसे राज्य में, जहां अक्सर नेताओं पर आम लोगों से दूर रहने के आरोप लगते हैं, वहां नीतीश मिश्रा जैसे जनप्रतिनिधि का यह व्यवहार एक नई राजनीतिक संस्कृति की ओर इशारा करता है। इससे यह साबित होता है कि व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच भी अगर संवेदनशीलता और सेवा भाव हो, तो हर संकट का समाधान निकाला जा सकता है।
बता दे कि नीतीश मिश्रा झंझारपुर से विधायक हैं और वर्तमान में बिहार सरकार में उद्योग मंत्री हैं। पहले वे पर्यटन मंत्री थे, अब उनका विभाग बदल चुका है| वे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय डॉ. जगन्नाथ मिश्रा के पुत्र हैं, जो अभिभाजित बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।






