Bihar Weather: बिहार में अब मौसम ने पूरी तरह से करवट ले ली है। बारिश और उमस के दिन पीछे छूट चुके हैं और अब हवा में सिहरन घुलने लगी है। सुबह की ओस और शाम की ठंडी हवाएं सर्दी की दस्तक बता रही हैं, जबकि दिन में हल्की धूप मौसम को सुहावना बनाए रखती है।
मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि इस बार सर्दी पिछले सालों से कहीं ज्यादा तीखी होगी। नवंबर से तापमान में तेज गिरावट शुरू हो जाएगी और दिसंबर-जनवरी में शीतलहर का जोरदार असर दिखेगा। पटना के मौसम केंद्र ने शनिवार को जारी अपडेट में कहा कि पश्चिमी हवाओं के कारण रातें तेजी से ठंडी हो रही हैं और राज्य के 25 जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क हो चुका है।
इधर मानसून की विदाई भी लगभग पूरी हो चुकी है। 15 अक्टूबर से पहले ही बिहार के सभी जिलों से बारिश रुखसत हो जाएगी और आंकड़े शून्य पर सेट हो गए हैं। IMD के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 10 अक्टूबर को गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों से पीछे हट चुका है। अगले 3-4 दिनों में पूरे राज्य से इसकी औपचारिक विदाई हो जाएगी।
इसका मतलब है कि अब ‘नो रेन डे’ का दौर चलेगा और हवा में नमी 60% से नीचे आ जाएगी। ग्रामीण इलाकों में सुबह कोहरा और ओस की परत साफ नजर आ रही है, जो सर्दी की शुरुआत का संकेत है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि उत्तर भारत में पश्चिमी हवाएं ज्यादा सक्रिय रहेंगी, जिससे बिहार में ठंड का असर नवंबर के पहले हफ्ते से ही गहरा हो जाएगा।
IMD ने चेताया है कि इस बार दिन का तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री कम और रात का 4-5 डिग्री नीचे रह सकता है। दिसंबर-जनवरी में शीतलहर गहरी होगी तो गर्म कपड़े और रजाई-चादरें अभी से निकाल लें। बच्चों और बुजुर्गों को सर्दी-जुकाम से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतें।






