Bihar Weather: आने वाले दिनों में बिहार में मानसून का असर फिर से दिखने वाला है और ऐसे में अगले पांच दिनों तक राज्य के अलग-अलग जिलों में भारी से मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण और गोपालगंज जैसे जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में 30 और 31 अगस्त को भारी वर्षा, बादल गरजने, ठनका गिरने और 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का खतरा है। 1 सितंबर से मानसून फिर से सक्रिय होने के आसार हैं, जिससे पूरे बिहार में अच्छी बारिश हो सकती है। हालांकि, तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और उमस भरी गर्मी कई जगहों पर बनी ही रहेगी। यह पूर्वानुमान उत्तर-पूर्वी असम और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण पर आधारित है।
पटना में शुक्रवार को हल्की बारिश के बाद धूप खिलने से उमस ने लोगों को परेशान किया, लेकिन रात में हवाओं ने थोड़ी राहत दी। मौसम विभाग के अनुसार 28 अगस्त से 1 सितंबर तक सभी जिलों में बिखरी हुई बारिश और तूफान की संभावना है। दक्षिण बिहार के पटना, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद में 31 अगस्त और 1 सितंबर को कई जगहों पर वर्षा हो सकती है, जबकि अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, अरवल जैसे दक्षिण-पश्चिमी जिलों में बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश कम रहेगी। IMD ने लोगों को सतर्क रहने, खुले मैदानों से दूर रहने और किसानों को खेतों में काम न करने की सलाह दी है।
दूसरी ओर गंगा का जलस्तर पटना और मुंगेर में खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे बाढ़ की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। मुंगेर में गंगा वॉर्निंग लेवल से 59 सेंटीमीटर ऊपर है, जिससे कटाव तेज हो गया है और दियारा इलाकों के सैकड़ों घर डूब चुके हैं। पटना के दीघा घाट, गांधी घाट और हाथीदह घाट पर नदी 2 मीटर ऊपर बह रही है, जबकि आरा के जवईनिया गांव में दो मंजिला स्कूल समा गया है। बक्सर में कर्मनाशा नदी का पानी स्टेट हाईवे पर आ गया है। पटना, भोजपुर, वैशाली, भागलपुर, खगड़िया, कटिहार, मधेपुरा और नालंदा में कुल 502 गांव प्रभावित हैं, जहां 12-16 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। जल संसाधन विभाग ने अलर्ट जारी किया है और राहत कार्य तेज कर दिए हैं।






