Bihar Weather: बिहार में 23 मई 2025 को मौसम फिर से करवट ले रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पटना, भागलपुर, गया सहित 23 जिलों में आकाशीय बिजली और आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ हिस्सों में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ ऑरेंज अलर्ट है, जबकि दक्षिण-मध्य, दक्षिण-पूर्व और उत्तर-पश्चिम बिहार में 30-40 किमी/घंटा की हवाओं के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी पटना में आज बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है।
IMD ने कैमूर, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां तेज हवाओं (50-60 किमी/घंटा) के साथ वज्रपात और बारिश की संभावना है। पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण, पटना, नालंदा, जहानाबाद, गया, नवादा, बेगूसराय, शेखपुरा, जमुई, बांका, भागलपुर, मुंगेर और खगड़िया में येलो अलर्ट है, जहां मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश और 30-40 किमी/घंटा की हवाएं चल सकती हैं।
इधर बीते 24 घंटों में 27 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिसमें सुपौल में सर्वाधिक 26.3 मिमी बारिश हुई और गोपालगंज में 70 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चली। बिहार में चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह मौसमी गतिविधि बढ़ी है।
वहीं, राजधानी पटना में 23 मई को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, जबकि एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश के साथ वज्रपात की भी संभावना है। गुरुवार को बादलों और हल्की धूप के कारण अधिकतम तापमान 34.5°C और न्यूनतम 26.4°C रहा, जिसमें दिन के तापमान में 0.7°C और रात में 0.3°C की गिरावट दर्ज की गई।
बताते चलें कि हवा में नमी और बादलों के कारण तापमान में मामूली राहत है, लेकिन अगले पांच दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। रोहतास का डेहरी 39.3°C के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि बांका में सबसे कम 21.8°C तापमान दर्ज हुआ।
IMD ने लोगों से खराब मौसम में सावधानी बरतने की अपील की है, खासकर वज्रपात के दौरान पेड़ों, पुरानी इमारतों या बिजली के खंभों के पास न रुकने की सलाह दी गई है। उत्तरी और पूर्वी बिहार में चक्रवाती परिसंचरण के कारण बारिश और तूफान की स्थिति बनी हुई है। अगले 24-48 घंटों तक यह मौसमी गतिविधि जारी रह सकती है, जिससे तापमान में मामूली गिरावट और उमस में वृद्धि होगी।
किसानों को खेतों में काम करते समय सतर्क रहने और बिजली गिरने से बचने के लिए उचित उपाय करने की सलाह दी गई है। यह मौसम बिहार में प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, जो जून में मानसून की शुरुआत से पहले सक्रिय हो रही है।






