Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आज 17वां दिन कई अहम मुद्दों और सवाल-जवाब के बीच संपन्न होगा। सदन की कार्यवाही सुबह 11:00 बजे शुरू हुई। कार्यवाही शुरू होते ही सबसे पहले प्रश्नकाल लिया गया, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया और संबंधित मंत्रियों से जवाब मांगा।
प्रश्नकाल में विभागों से जुड़े मुद्दों पर घिरे मंत्री
प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के विधायकों ने सरकार को विभिन्न विभागों के कामकाज को लेकर कटघरे में खड़ा किया। खास तौर पर ग्रामीण कार्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, जल संसाधन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग तथा श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग से जुड़े सवाल प्रमुख रहे।
विधायकों ने ग्रामीण सड़कों की जर्जर स्थिति, अधूरे विकास कार्य, नहरों की सफाई, पुल-पुलियों के निर्माण, पंचायत स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रवासी श्रमिकों के कल्याण योजनाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाए। कई सदस्यों ने आरोप लगाया कि योजनाओं की घोषणा तो होती है, लेकिन समय पर कार्य पूर्ण नहीं हो पाता।
मंत्रियों ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिन योजनाओं में देरी हुई है, उनकी समीक्षा की जा रही है और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि कई परियोजनाएं अंतिम चरण में हैं और जल्द ही जनता को उनका लाभ मिलेगा।
शून्यकाल में उठे जनहित के मुद्दे
प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल शुरू हुआ। शून्यकाल में विधायकों ने अपने क्षेत्रों की तात्कालिक और जनहित से जुड़ी समस्याओं को सदन के सामने रखा। इसमें पेयजल संकट, बाढ़ सुरक्षा तटबंधों की मरम्मत, विद्यालय भवनों की स्थिति, अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और बेरोजगारी जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। कई विधायकों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति अभी भी संतोषजनक नहीं है और सरकार को इस दिशा में विशेष पहल करनी चाहिए।
स्थगन प्रस्ताव और ध्यानाकर्षण
शून्यकाल के बाद विपक्ष की ओर से कार्य स्थगन प्रस्ताव लाया गया। हालांकि, बजट सत्र के दौरान कार्य स्थगन प्रस्ताव को नियमों के तहत मान्य नहीं किया गया। इसके बाद ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए कुछ महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित कराया गया। संबंधित मंत्रियों ने इन मुद्दों पर विस्तृत जवाब देते हुए कार्रवाई का भरोसा दिलाया। ध्यानाकर्षण के उपरांत सदन की कार्यवाही दोपहर 2:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दोपहर बाद गैर सरकारी संकल्पों पर चर्चा
दोपहर 2:00 बजे के बाद सदन की कार्यवाही पुनः शुरू हुई। इस दौरान गैर सरकारी सदस्यों के कार्य और गैर सरकारी संकल्प लिए गए। विभिन्न विधायकों ने अपने-अपने प्रस्तावों के माध्यम से राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़े सुझाव प्रस्तुत किए।
कुछ सदस्यों ने राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने और कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा। इन संकल्पों पर सदन में सकारात्मक चर्चा हुई।
राजनीतिक गर्माहट बरकरार
पूरे दिन सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक नोकझोंक भी देखने को मिली। हालांकि, अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद कार्यवाही सुचारू रूप से चलती रही। कुल मिलाकर बजट सत्र का 17वां दिन सवाल-जवाब, जनहित के मुद्दों और नीतिगत चर्चाओं के बीच महत्वपूर्ण रहा। अब सभी की निगाहें बजट सत्र के आगामी दिनों पर टिकी हैं, जहां वित्तीय प्रावधानों और विकास योजनाओं पर और विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।






