Bihar Education News: शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ ने एक अधिकारी के खेल को पकड़ लिया. इसके बाद एक्शन के आदेश हुए हैं. इस संबंध में शिक्षा विभाग ने संकल्प जारी कर दिया है. उक्त अधिकारी पर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप हैं. राज्यपाल के आदेश पर विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है. संचालन पदाधिकारी को तीन महीने में रिपोर्ट देने को कहा गया है.
शिक्षा विभाग के संकल्प में कहा गया है कि, विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा सचिन्द्र कुमार ने गंभीर लापरवाही बरती है. अपर मुख्य सचिव ने निजी विद्यालयों को राज्य सरकार द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने का निर्देश दिया था. यह आदेश 2022 में ही दिया गया था. बावजूद इसके ये असंवेदनशील एवं लापरवाह बने रहे. निजी विद्यालयों को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने से संबंधित 63 मामलों में जिलाधिकारी से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद भी छह माह से लंबित रहने के आरोप हैं. ये आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित हैं.
इसके बाद शिक्षा विभाग ने सचिन्द्र कुमार के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया है. विशेष सचिव सह निदेशक जन शिक्षा अनिल कुमार को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किय़ा गया है. विभाग ने कहा है कि तीन महीने में संचालन पदाधिकारी वृदज जांच कर रिपोर्ट दें.






