Bihar Rajya Sabha Election 2026: बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार सुबह नौ बजे से विधानसभा परिसर में मतदान शुरू हो गया। मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है और शाम पांच बजे तक जारी रहेगी। इसके बाद मतगणना शुरू होगी और आज ही नतीजे घोषित होने की उम्मीद है। इस चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पांच उम्मीदवार और विपक्षी महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का एक उम्मीदवार मैदान में है।
मतदान शुरू होते ही सभी दलों के विधायक विधानसभा पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। हालांकि इसी बीच कांग्रेस के दो विधायकों के संपर्क में नहीं होने की खबर ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार फारबिसगंज से विधायक मनोज विश्वास से पार्टी का संपर्क नहीं हो पा रहा है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वह कहां हैं और क्या वह मतदान के लिए विधानसभा पहुंचेंगे या नहीं।
बताया जा रहा है कि मनोज विश्वास ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बेहद करीबी मुकाबले में जीत दर्ज की थी। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार विद्या सागर केशरी को मात्र 221 वोटों के अंतर से हराया था। चुनाव के समय उनकी उम्र 38 वर्ष बताई गई थी। ऐसे में यदि वह मतदान में हिस्सा नहीं लेते हैं तो इसका सीधा फायदा एनडीए को मिल सकता है।
कांग्रेस का दूसरा विधायक जो पार्टी के रडार से बाहर बताया जा रहा है, वह वाल्मीकीनगर से विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक उनसे भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने पिछले विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह को 1675 वोटों के अंतर से हराया था। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा भी तेज हो गई है कि कहीं ये दोनों विधायक विरोधी खेमे के संपर्क में तो नहीं हैं। हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
राज्यसभा चुनाव में संख्या बल के हिसाब से एनडीए की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। एनडीए ने इस बार पांच उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इनमें बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के प्रमुख नीतीश कुमार, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और भाजपा के शिवेश कुमार शामिल हैं।
वहीं महागठबंधन की ओर से राजद ने अमरेंद्र धारी सिंह को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में कुल छह उम्मीदवार पांच सीटों के लिए मैदान में हैं। राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भले ही चुनाव एकतरफा दिखाई दे रहा हो, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प बन गया है।
विधानसभा के मौजूदा गणित के अनुसार एक उम्मीदवार को जीत के लिए 41 विधायकों के वोट की जरूरत होती है। ऐसे में हर वोट काफी अहम माना जा रहा है। इसी वजह से कांग्रेस के दो विधायकों के संपर्क में नहीं होने की खबर ने विपक्ष की चिंता बढ़ा दी है।
राजनीतिक गलियारों में क्रॉस वोटिंग की संभावना को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। हालांकि एनडीए और महागठबंधन दोनों ही अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने का दावा कर रहे हैं। राजद अपने इकलौते उम्मीदवार की जीत के लिए कांग्रेस के सभी विधायकों के समर्थन पर काफी हद तक निर्भर है, क्योंकि बिहार विधानसभा में कांग्रेस के छह विधायक हैं।
फिलहाल सभी की नजर शाम पांच बजे के बाद होने वाली मतगणना पर टिकी हुई है। चुनाव परिणाम से यह साफ हो जाएगा कि पांचवीं सीट पर किस गठबंधन का उम्मीदवार जीत हासिल करता है और क्या क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं में कोई सच्चाई है या नहीं।






