Bihar Rain Alert: बिहार में मानसून की सक्रियता ने मौसम को और भी उग्र कर दिया है और इसी क्रम में अब पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने 17 जुलाई को दोपहर 2:35 बजे के बाद से गोपालगंज, सिवान, औरंगाबाद, गया और भागलपुर में अगले दो से तीन घंटों में भयंकर बारिश की चेतावनी जारी की है।
ऑरेंज अलर्ट के तहत इन जिलों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश, 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं, मेघ गर्जन और वज्रपात की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से घरों में रहने, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे न जाने की सलाह दी है। बिहार के कई हिस्सों में पहले से ही झमाझम बारिश ने तापमान को 28-31 डिग्री सेल्सियस तक तो ला दिया है लेकिन इधर उमस और जलजमाव ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।
पिछले 24 घंटों में बिहार में बारिश और वज्रपात ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें 15 लोगों की मौत हो चुकी है। गया, नवादा, भागलपुर और सहरसा में लोग खेतों में काम करते या बाहर रहते समय ठनके की चपेट में आए। फल्गु, गंगा, सोन, कोसी और पुनपुन नदियां उफान पर हैं, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गया में एक पुल ढह गया और गया-कोडरमा रेलखंड पर लैंडस्लाइड ने रेल परिचालन को ठप कर दिया। जहानाबाद-बिहार शरीफ NH-33 पर फल्गु नदी का पानी चढ़ने और नवादा में खुरी नदी के उफान से धमनी-सवैयाटांड़ पथ बहने से यातायात बाधित हो गया है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी किया है और NDRF की टीमें राहत कार्यों में जुटी हैं। कई गांवों में पानी घुस चुका है और दो जिलों में डायवर्सन टूटने से आवागमन ठप हो गया है। प्रशासन ने नदी तटों पर बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है, लेकिन लगातार बारिश ने बचाव कार्यों को जटिल बना दिया है। गोपालगंज और सिवान में कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर ने तटबंधों पर दबाव बढ़ा दिया है। जबकि औरंगाबाद और गया में सोन और फल्गु नदियों ने कई गांवों को जलमग्न कर दिया है। वहीं, भागलपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में बारिश की तीव्रता कुछ कम हो सकती है। लेकिन गोपालगंज, सिवान, औरंगाबाद, गया और भागलपुर में स्थिति गंभीर ही बनी रहेगी। इन जिलों में स्कूलों को बंद करने और निचले इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। बिहार में हाल की वज्रपात की घटनाओं और बाढ़ की स्थिति ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। लोगों से अनुरोध है कि वे बारिश और वज्रपात के दौरान सावधानी बरतें और जरूरत पड़ने पर आपदा प्रबंधन विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1078 पर संपर्क करें।






