Bihar Police News: बिहार में पुलिस प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ लगातार सख्ती दिखाई जा रही है। इसी क्रम में भागलपुर रेंज के आईजी विवेक कुमार ने लापरवाही बरतने वाले चार पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें भागलपुर का एक और बांका के तीन अधिकारी शामिल हैं।
आईजी ने समीक्षा के दौरान पाया कि भागलपुर शहर के विश्वविद्यालय थाने के थानाध्यक्ष बलवीर विलक्षण ने बिना वजह कई केस लंबित रखे और मुख्यालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए मालखाना का प्रभार नहीं लिया। इससे संबंधित कई मामलों में आरोपितों की पहचान और सत्यापन नहीं किया गया, जबकि अपहरण के मामले में भी थाना अध्यक्ष ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी गंभीर लापरवाही के कारण बलवीर विलक्षण को निलंबित किया गया।
आईजी विवेक कुमार ने समीक्षा में कहा, “मालखाना का प्रभार पूर्व थानाध्यक्ष सुप्रिया कुमारी ने नहीं दिया, और बलवीर विलक्षण ने भी कोई विशेष सूची नहीं बनाई। अज्ञात शव की पहचान में रुचि नहीं दिखाई गई और कई आरोपितों का सत्यापन भी नहीं किया गया। कुछ केसों में ओडिशा और उत्तर प्रदेश के आरोपितों का सत्यापन नहीं किया गया और गिरफ्तारी का प्रयास भी नहीं हुआ।”
इसी तरह, बांका जिले के टाउन थाना से जुड़े मामलों में अंचल इंस्पेक्टर देवानंद पासवान, थानाध्यक्ष राकेश कुमार और पुलिस अवर निरीक्षक बृजेश कुमार ने घोर लापरवाही बरती। घरेलू विवाद से जुड़े कई केसों में अनुसंधान और पर्यवेक्षण की कमी पाई गई, और बड़े मामलों में बयान लेने के बाद भी संबंधित धाराओं में संशोधन आवश्यक नहीं समझा गया। इन लापरवाह अधिकारियों को भी रेंज आईजी ने निलंबित कर दिया और बांका एसपी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
आईजी विवेक कुमार ने कहा है कि जिन केसों के अनुसंधान और पर्यवेक्षण में निलंबित अधिकारियों ने घोर लापरवाही बरती और विधि सम्मत कार्रवाई नहीं की, उन मामलों का पर्यवेक्षण संबंधित अधिकारियों द्वारा कराया जाएगा। इस कदम से पुलिस प्रशासन में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने का संदेश स्पष्ट तौर पर दिया गया है।





